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Duleep Trophy Final: 6 साल पहले के ईशान किशन में अब क्या अंतर है?

दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल में ईशान किशन ने 270 रन की पारी मैराथन पारी खेली। यही ईशान 2020 तक सिर्फ पचासा से ही खुश हो जा रहे थे।

Ishan Kishan Duleep Trophy

ईशान किशन, Photo Credit: PTI

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दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने रन बनाने की गजब की भूख दिखाई। ईशान ने साउथ जोन के गेंदबाजों की जमकर पिटाई करते हुए 250 रन ठोक दिए थे। इसके बाद वह रिटायर हर्ट हो गए। उनके ऊपर थकान हावी हो गया था। उन्हें क्रैम्प आने शुरू हो गए थे। चोटिल होने का खतरा देखते हुए ईशान मैदान से बाहर चले गए।

 

इस समय तक ईस्ट जोन की टीम 600 से ज्यादा रन बना चुकी थी। माना जा रहा था कि ईशान अब दोबारा बल्लेबाजी के लिए नहीं आएंगे और जल्द ही पारी की घोषणा कर देंगे लेकिन ड्रेसिंग रूम में कुछ समय बिताने के बाद वह फिर से मैदान पर उतर गए। ईशान पूरी तरह से फिट तो नहीं दिख रहे थे लेकिन उन्होंने अपने तिहरे शतक तक पहुंचने का पूरा प्रयास किया। 

 

लोअर ऑर्डर के बल्लेबाजों के क्रीज पर होने के चलते ईशान को सिर्फ बड़े शॉट्स पर निर्भर होना पड़ गया था। वह ओवर के शुरू में छक्के या चौके का प्रयास करते और फिर पांचवीं या छठी गेंद पर वह सिंगल ले ले रहे थे। हालांकि उनकी यह रणनीति बहुत देर तक नहीं चली और वह छक्का लगने के प्रयास में लॉन्ग ऑन पर लपक लिए गए। उन्होंने वापस आने के बाद अपनी पारी में 20 रन जोड़े। ईशान 334 गेंद में 270 रन पर पवेलियन लौटे। उन्होंने अपनी मैराथन पारी में 30 चौके और 7 छक्के लगाए।

 

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ईशान में आया है यह बड़ा बदलाव 

बाएं हाथ के अटैकिंग बल्लेबाज ईशान ने अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत दिसंबर 2014 में की थी। उन्होंने 2020 तक 44 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें 2665 रन बनाए। उनकी औसत सिर्फ 37.5 की रही। इस दौरान उनके बल्ले से 15 अर्धशतक और 5 शतक निकले। यानी उनका कन्वर्जन रेट अच्छा नहीं था। उन्हें अच्छी शुरुआत तो मिल रही थी लेकिन वह उसे बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पा रहे थे।

 

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ईशान ने अपनी इस गलती को सुधार लिया है। 2021 से उन्होंने 9 बार 50 का आंकड़ा पार किया है, जिसमें 5 शतक ठोके हैं। इस दौरान उन्होंने 23 मैचों में 1550 रन बटोरे हैं। उनकी औसत भी उछलकर 53.5 तक पहुंच गई है। इन आंकड़ों के देखते हुए कहा जा सकता है कि 6 साल पहले वाला ईशान शायद फिफ्टी से खुश हो जा रहा था, जो अब एक बार क्रीज पर जमने के बाद आउट होने का नाम ही नहीं लेता।


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