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दलीप ट्रॉफी फाइनल में 708 रन बनाकर ईस्ट जोन ने गलती कर दी, क्या है नियम?

दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन की टीम ने 2 दिन तक बैटिंग की, जिससे मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ता दिख रहा है। ऐसा होने पर पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम चैंपियन बनेगी। अगर किसी भी टीम को पहली पारी की बढ़त नहीं मिली तो?

Mohammed Shami Duleep Trophy

दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन के मोहम्मद शमी का रिएक्शन, Photo Credit: PTI

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चेन्नई के चेपॉक स्टेडिम में दलीप ट्रॉफी फाइनल खेला जा रहा है। आज (8 सितंबर) इस मुकाबले का तीसरा दिन है। ईस्ट जोन की पहली पारी के स्कोर (708 रन) के जवाब में साउथ जोन की टीम बैटिंग कर रही है। 150 के नीचे उसके 4 विकेट गिर चुके हैं। क्रीज पर रविचंद्रन स्मरमण और कप्तान तिलक वर्मा की भरोसेमंद जोड़ी है। दोनों को आउट करना ईस्ट जोन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगर ये टिक गए तो ईशान किशन की कप्तानी वाली टीम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

708 रन बनाकर भी ईस्ट जोन को पछताना पड़ेगा?

खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन की टीम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 163 ओवर में 708 रन बनाए। उसने पूरे दो दिन तक बैटिंग की। ईशान किशन ने 270 रन की पारी खेली। वहीं कुमार कुशाग्र ने 101 रन जड़े। शिखर मोहन (85), अभियन्यू ईश्वरन (73), अनुकूल रॉय (45) और वैभव सूर्यवंशी (44) ने भी उपयोगी योगदान दिया। 

 

ईस्ट जोन की टीम कभी भी पारी घोषित करने के मूड में नहीं दिखी। ईशान जब दूसरे दिन के आखिरी सेशन में 250 के निजी स्कोर पर रिटायर हर्ट हुए तब लगा कि ईस्ट जोन अपनी पारी घोषित कर देगी लेकिन टीम ने बल्लेबाजी जारी रखी। उस समय टीम 600 से ज्यादा रन बना चुकी थी। ईशान कुछ विकेट गिरने के बाद फिर से बैटिंग करने उतरे और अपने पहले तिहरे शतक तक पहुंचने का प्रयास किया। हालांकि वह अपनी पारी में 20 रन ही जोड़ पाए और टी विजय की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर लपक लिए गए। ईशान 270 रन पर पवेलियन लौटे। उनके आउट होने के बाद मुकेश कुमार को भेजा गया, जिन्हें दिन की आखिरी गेंद पर आउट कर विजय ने ईस्ट जोन की पारी समेटी।

 

साउथ जोन की बल्लेबाजी की बारी तीसरे दिन ही आई। उसने दो सेशन के खेल में 4 ही विकेट खोए हैं, जिससे अब यह मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ता दिख रहा है। चेन्नई में कल (8 सितंबर) बारिश की भी संभावना है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रनों का पहाड़ खड़ा करने पर भी ईस्ट जोन को पछताना पड़ेगा?

 

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ड्रॉ होने पर क्या है नियम?

दलीप ट्रॉफी फाइनल ड्रॉ होने पर पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को चैंपियन घोषित किया जाएगा। इस स्थिति में ईस्ट जोन की टीम खिताब जीतने की प्रबल दावेदार है। हालांकि अभी जैसा मुकाबला चल रहा है, उसे देखते हुए उसे निराशा हाथ लग सकती है। दरअसल, साउथ जोन की टीम अपनी पहली पारी में 708 रन बनाती तो नहीं दिख रही है लेकिन अगर वह ऑलआउट नहीं होती है तो ईस्ट जोन को विजेता घोषित नहीं किया जाएगा। साउथ जोन के ऑलआउट नहीं होने के मतलब है कि किसी भी टीम को पहली पारी के आधार पर बढ़त हासिल नहीं होगी।

 

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दलीप ट्रॉफी नॉकआउट में विजेता का फैसला करने के लिए रणजी ट्रॉफी की तरह अतिरिक्त दिन की भी व्यवस्था नहीं है। 2013 में ईस्ट जोन और नॉर्थ जोन के बीच खेले गए दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। दोनों में से कोई भी टीम पहली पारी की बढ़त नहीं ले पाई थी, जिसके बाद सिक्का उछालकर विजेता का फैसला किया गया लेकिन अब इस नियम को हटा दिया गया है। ऐसे में ईशान किशन की टीम को चैंपियन बनना है तो उन्हें साउथ जोन के 10 विकेट लेने ही पड़ेंगे।

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