भारत और अफगानिस्तान के बीच 3 मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार (13 जून) को धर्मशाला में खेला गया। इस मुकाबले में टीम इंडिया ने 7 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। बारिश के कारण 25-25 ओवर के हुए मैच में अफगानिस्तान ने रहमानुल्लाह गुरबाज (51 गेंद में 102 रन) की आतिशी सेंचुरी की मदद से 194 रन बनाए थे, जिसे भारत ने 22.5 ओवर में 3 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया। कप्तान शुभमन गिल 66 गेंद में 84 रन बनाकर नाबाद रहे। केएल राहुल ने 19 गेंद में नाबाद 39 रन बनाए।
एक समय मुकाबला रोमांचक हो गया था। भारत को जीत के लिए 24 गेंद में 33 रन बनाने थे। राहुल ने 22वां ओवर लेकर आए जियाउर रहमान के खिलाफ रौद्र रूप अपनाया और 20 रन ठोक दिए, जिससे टीम इंडिया के लिए रन चेज आसान हो गया। हालांकि राहुल की आतिशी बल्लेबाजी के चलते शुभमन के हाथों से शतक बनाने का मौका निकल गया, जो उस समय बतौर कप्तान अपनी पहली ODI सेंचुरी से 21 रन दूर थे।
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महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर का इस पर मानना है कि अब टीम व्यक्तिगत उपलब्धियों के बजाय टीम को महत्व दे रही है, जिसके कारण मुश्किल लक्ष्य आसानी से चेज हो गया। पूर्व कप्तान गावस्कर ने कहा कि लक्ष्य का पीछा करते समय राहुल ने जिस तरह से बल्लेबाजी की उससे पता चलता है कि खिलाड़ी व्यक्तिगत नहीं सामूहिक सफलता पर विश्वास करते हैं।
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टीम को प्राथमिकता देने से गावस्कर प्रभावित
गावस्कर ने जियोस्टार पर कहा, 'जिया उर रहमान ने अपने अंतिम ओवर से पहले तीन ओवर में सिर्फ 19 रन दिए थे। राहुल ने उस ओवर में 20 रन बनाए। तब शुभमन गिल को शतक पूरा करने के लिए 21 रन की जरूरत थी और टीम को जीत के लिए लगभग 30 रन चाहिए थे। ऐसे में राहुल ने मोर्चा संभाला।'
उन्होंने आगे कहा, 'इससे पता चलता है कि खिलाड़ी व्यक्तिगत उपलब्धियों की बजाय टीम को अधिक महत्व देते हैं। यह इससे जुड़ा है कि प्रत्येक खिलाड़ी टीम के लिए क्या कर सकता है। 23वें ओवर में मैच जीतने से पता चलता है कि कितनी अच्छी तरह से लक्ष्य का पीछा किया गया। यह आसान लक्ष्य नहीं था लेकिन उन्होंने इसे आसान बना दिया, क्योंकि टीम को प्राथमिकता दी।'