मानव सुथार ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में 7 विकेट लेकर सनसनी मचा दी है। इस युवा लेफ्ट आर्म स्पिनर ने मुल्लांपुर टेस्ट में अफगानिस्तान की पहली पारी के दौरान 33 रन देकर 6 विकेट झटके, जो किसी भारतीय गेंदबाज का डेब्यू टेस्ट पारी में दूसरा बेस्ट बॉलिंग फिगर है। वहीं उन्हें दूसरी पारी में एक सफलता मिली। अपने टेस्ट करियर के पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले सुथार ने कहा कि क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में निरंतरता और धैर्य ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में भारत की पारी और 300 रन की विशाल जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सुथार को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। सुथार ने मैच के बाद कहा, 'सबसे महत्वपूर्ण सबक यह है कि निरंतरता ही सब कुछ है। आपको बार-बार एक ही एरिया में गेंदबाजी करनी होगी। मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। यह एक ऐसा फॉर्मेट है, जिसमें धैर्य की परीक्षा होती है।'
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सही लाइन-लेंथ पकड़े रखना जरूरी
उन्होंने कहा, 'मैंने यही सीखा है कि धैर्य के साथ अपने प्लान्स पर बने रहें और लगातार सही लाइन व लेंथ पर गेंदबाजी करते रहें।' इस 23 साल के गेंदबाज ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए खेलना उनके लिए सपने सच होने जैसा है। उन्होंने कहा, 'यह अविश्वसनीय अनुभव था। भारत के लिए और खासकर टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना मैंने बचपन से संजोया था। यह मेरे लिए बेहद खास और सपने के सच होने जैसा पल था।'
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पहले ही लगा लिया था पिच का अनुमान
सुथार ने बताया कि गेंदबाजी से पहले बल्लेबाजी करने से उन्हें पिच के स्वभाव को समझने में मदद मिली। उन्होंने कहा, 'जब मैं बल्लेबाजी करने गया तो मुझे काफी सहज महसूस हुआ। कुछ गेंदें खेलने के बाद मुझे एहसास हुआ कि पिच से स्पिनरों के लिए मदद मौजूद है।'
सुथार ने कहा, 'जब मैं गेंदबाजी करने आया और पहला ओवर डाला, तब भी मुझे वही महसूस हुआ। इसके बाद मेरा पूरा ध्यान सही लाइन, लेंथ और गति का उपयोग करने पर रहा।'