कुलदीप यादव के लिए 2017 स्पेशल रहा था। इस साल उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में डेब्यू किया। लगा कि वह रविचंद्रन अश्विन और
रवींद्र जडेजा
की मौजूदगी के बीच टीम इंडिया के फ्रंट लाइन स्पिनर बनेंगे लेकिन वह अपने 9 साल लंबे टेस्ट करियर में अब तक सिर्फ 18 मैच ही खेल पाए हैं। वनडे इंटरनेशनल में कुलदीप ने 121 मैचों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है।
31 साल के कुलदीप के खाते में 54 टी20 इंटरनेशनल मैच हैं। उन्हें व्हाइट बॉल क्रिकेट में टीम इंडिया के लिए ज्यादा मैच खेलने को तो मिले हैं लेकिन हालिया समय में वह बेंच पर ही रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में कुलदीप को एक भी मैच नहीं खिलाया गया। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में उन्हें एक ही मैच खेलने का मौका मिला।
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वनडे और टी20I में हाशिए पर कुलदीप
कुलदीप को वनडे के अलावा टी20I में भी लगातार मौके नहीं मिल रहे हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट उन्होंने भारतीय टीम के लिए आखिरी मैच टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान खेला था। इस वर्ल्ड कप में कुलदीप को एक ही मैच में खिलाया गया। पाकिस्तान के खिलाफ कोलंबो की धीमी पिच पर उन्हें प्लेइंग-XI में एंट्री दी गई। इसके अलावा कुलदीप पूरे वर्ल्ड कप के दौरान पानी पिलाते ही नजर आए।
भारतीय टीम मैनेजमेंट वनडे में अक्षर पटेल के साथ वॉशिंगटन सुंदर को आजमा रही है। वहीं टी20 इंटरनेशनल में अक्षर और वरुण चक्रवर्ती खेल रहे हैं, जिससे कुलदीप हाशिए पर पहुंच गए हैं। उनकी काबिलियत का बाएं हाथ का कलाई का स्पिनर पूरी दुनिया में मौजूद नहीं है लेकिन वह टीम इंडिया की प्लेइंग-XI में शामिल किए जाने के लायक नहीं समझे जा रहे हैं।
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टेस्ट से भी कटेगा पत्ता?
दिग्गज ऑफ स्पिनर अश्विन के संन्यास के बाद कुलदीप के लिए दरवाजे खुले लेकिन टीम मैनेजमेंट की जैसी सोच है, उस देखते हुए माना जा रहा है कि अब कुलदीप को टेस्ट में भी प्लेइंग-XI में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। भारत और श्रीलंका के बीच 2 टेस्ट मैचों की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम में कुलदीप समेत 4-4 स्पिनर्स को रखा गया है।
रवींद्र जडेजा टीम में लौट आए हैं, जबकि अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में डेब्यू करने वाले मानव सुथार भी स्क्वॉड का हिस्सा हैं। मध्य प्रदेश के ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार टीम इंडिया में चुना गया है।
प्लेइंग-XI में जडेजा अपनी जगह पर वापस लौटेंगे। कुलदीप को दूसरे स्पिनर के तौर पर खिलाया जा सकता है। अगर उन्हें थोड़ी बल्लेबाजी की लालच में बाहर रखा जाता है तो यह उनके साथ नाइंसाफी होगी। इसके अलावा यह भी देखना अहम होगा कि अच्छा प्रदर्शन कर रहे सुथार को गॉल की स्पिनिंग ट्रैक पर मौका मिलता है या सारांश जैन को डेब्यू कैप दी जाती है।
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कुलदीप के लिए अहम है सीरीज
श्रीलंका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर कुलदीप अपने टेस्ट करियर को नया मोड़ दे सकते हैं। उन्हें साबित करना होगा कि वह सिर्फ गेंदबाजी की बदौलत ही प्लेइंग-XI में शामिल होने के हकदार हैं। मानव सुथार, तनुष कोटियान और हर्ष दुबे जैसे उभरते स्पिन ऑलराउंडर्स ने कुलदीप के साथ-साथ जडेजा के ऊपर भी दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में इन दोनों दिग्गजों के लिए श्रीलंका सीरीज अहम साबित होने वाली है।