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थॉमस कप 2026: सेमीफाइनल में पहुंचा भारत, चीनी ताइपे को दी करारी शिकस्त

भारत ने चीनी ताइपे को हराकर थॉमस कप फाइनल्स के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही भारत का मेडल भी पक्का हो गया है।

Lakshya Sen

लक्ष्य सेन, Photo Credit: PTI

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भारत ने चीनी ताइपे को हराकर थॉमस कप फाइनल्स के सेमीफाइनल में एंट्री ले ली है। लक्ष्य सेन की जोरदार वापसी के बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की युगल जोड़ी और युवा शटलर आयुष शेट्टी के बेहतरीन खेल के प्रदर्शन से भारत ने शुक्रवार को चीनी ताइपे के खिलाफ 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की। लक्ष्य ने दो मैच पॉइंट बचाते हुए वर्ल्ड के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन को हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। 

 

लक्ष्य इस मैच में अधिकतर समय पीछे चल रहे थे लेकिन उन्होंने गजब का जुझारूपन दिखाया और एक घंटे और 28 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में 18-21, 22-20, 21-17 से जीत दर्ज की। इसके बाद सात्विक-चिराग की युगल जोड़ी ने चियू सियांग चिएह और वांग ची-लिन को एक घंटे और 15 मिनट में 23-21 19-21 21-12 से हराकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। इसके बाद जिम्मेदारी आयुष शेट्टी पर आ गई और इस युवा खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया। 

 

हाल ही में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले इस 20 साल के खिलाड़ी ने दूसरे एकल में वर्ल्ड में नंबर आठ और मौजूदा ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियन लिन चुन-यी को 21-16, 21-17 से हराकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।

 

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भारत 2022 में बन चुका है चैंपियन

थॉमस कप बैडमिंटन का वर्ल्ड टीम चैंपियनशिप है। भारत 2022 में इसका चैंपियन बना था। वह सेमीफाइनल में फ्रांस या जापान में से किसी एक टीम का सामना करेगा। सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत का मेडल भी पक्का हो गया है। 2022 में खिताब जीतने के अलावा भारत ने 1952, 1955 और 1979 में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।

लक्ष्य ने की कमाल की वापसी

लक्ष्य और चोउ के बीच इस मुकाबले से पहले आपस में रिकॉर्ड 4-4 से बराबरी पर था। इस मुकाबले में लंबी रैलियों, सटीक स्ट्रोकप्ले और उतार-चढ़ाव से भरपूर रोमांचक द्वंद्व देखने को मिला। चोउ ने पहला गेम में 10-15 से पिछड़ने के बाद जीता लेकिन दूसरे गेम में लक्ष्य ने दबाव में शानदार वापसी की। भारतीय खिलाड़ी ने 13-17 से पीछे रहने के बाद लगातार चार अंक जीतकर स्कोर बराबर कर लिया।

 

चोउ को दो मैच पॉइंट मिले लेकिन लक्ष्य ने अपना संयम बनाए रखा और दोनों को बचाकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। तीसरे गेम में 36 साल के चोउ शारीरिक रूप से कमजोर पड़ते नजर आए और लक्ष्य ने इंटरवल तक 11-7 की बढ़त के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद भी उन्होंने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और मैच जीतने में सफल रहे।

 

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सात्विक-चिराग का शानदार प्रदर्शन

सात्विक और चिराग ने शुरुआत में संघर्ष किया और वे 5-5 से बराबरी पर रहने के बाद वे 8-13 से पीछे हो गए। भारतीय खिलाड़ियों ने वापसी की कोशिश की लेकिन चियू और वांग ने 18-15 से मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।   

 

सात्विक और चिराग ने हार नहीं मानी। उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 18-19 तक पहुंचा दिया और इसके बाद पहला गेम अपने नाम कर कर लिया। दूसरा गेम भी काफी कड़ा रहा। शुरुआत में दोनों जोड़ियां 8-8 के स्कोर पर बराबरी पर थीं। भारतीय जोड़ी ने इसके बाद 14-11 की बढ़त बनाई लेकिन ताइवानी खिलाड़ियों ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया।

 

इसके बाद आक्रामक खेल का सिलसिला जारी रहा, जिसमें दोनों टीमों का पलड़ा बराबर रहा लेकिन आखिर में चियू और वांग ने बढ़त बनाकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। तीसरे गेम में खेल का रुख पूरी तरह से बदल गया। भारतीय टीम आक्रामक और सटीक खेल दिखाते हुए तेजी से 9-3 की बढ़त बनाने में कामयाब रही।  सात्विक ने नेट और बैककोर्ट दोनों जगह शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय जोड़ी को 13-6 और फिर 15-7 की बढ़त दिलाई। सात्विक और चिराग ने जल्द ही कई मैच पॉइंट हासिल किए और आसानी से मैच अपने नाम कर लिया।

 

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आयुष ने दिखाया आक्रामक खेल

आयुष ने संयमित और आक्रामक प्रदर्शन करते हुए लिन को हराया, जो पैर में चोट के कारण पूरी तरह से फिट नहीं थे। पहले गेम में 7-11 से पिछड़ने के बाद आयुष ने धैर्य का परिचय दिया और महत्वपूर्ण अवसर पर आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए लगातार कई विनर्स लगाकर स्कोर को 13-12 कर दिया। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद लगातार सात अंक बनाकर पहला गेम अपने नाम किया। 

 

आयुष ने दूसरे गेम में भी उसी लय को बरकरार रखा और शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद 9-7 से बढ़त बना ली। इंटरवल तक वह 11-8 से आगे थे। दर्शकों से मिल रहे अपार समर्थन और भारत माता की जय के नारों के बीच आयुष ने 15-11 और फिर 19-13 की बढ़त हासिल कर ली। लिन ने अंतिम क्षणों में वापसी की कोशिश की और स्कोर का अंतर 16-19 तक कम कर दिया लेकिन आयुष ने संयम बनाए रखा और कई मैच पॉइंट हासिल करते हुए अपने प्रतिद्वंदी के शॉट को लंबा जाने देकर मैच जीत लिया। इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।

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