भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में खराब शुरुआत से उबरकर जब 350 रन का आंकड़ा पार किया तो लगा कि इतने रन काफी होंगे लेकिन कैरेबियाई कप्तान शाई होप ने नाबाद 162 रन की पारी खेल बाजी पलट दी। वेस्टइंडीज ने 352 रन का टारगेट 48.4 ओवर में 5 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया। भारतीय टीम की गेंदबाजी बेहद निराशाजनक रही। मिडिल ओवर्स में विकेट आए लेकिन विंडीज की रन गति पर कोई असर नहीं पड़ा। डेथ ओवर्स में गेंदबाजों ने आसानी से रन लुटाए, जिसे कप्तान
शुभमन गिल
ने चिंताजनक बताया।
मैच के बाद गिल ने कहा कि डेथ बॉलिंग में सुथार की जरूरत है। भारतीय कप्तान ने कहा, 'कभी-कभी हम क्लियर नहीं होते कि हमें अटैक करना है या डिफेंड। खासकर डेथ ओवर्स में। अगर विपक्षी टीम के 5 या 6 विकेट गिर चुके हैं तो आप निश्चित नहीं होते कि कौन-सी फील्ड रखनी है। क्या हम बहुत जल्दी डेथ बॉलिंग शुरू कर रहे हैं या अभी भी मिडिल ओवर्स जैसी गेंदबाजी कर रहे हैं।'
यह भी पढ़ें: फुटबॉल मैच में ब्राजील से हारा भारत, 0-4 से मिली शिकस्त
स्लो ओवर रेट ने भी किया बेड़ा गर्क
गिल के मुताबिक, 45वें ओवर तक मैच टीम इंडिया के कंट्रोल में था लेकिन स्लो ओवर रेट के कारण मामला खराब हो गया। वेस्टइंडीज को आखिरी 5 ओवर में 56 रन बनाने थे। भारतीय टीम 46वें ओवर के बाद तय समय से चार ओवर पीछे थी, जिसके कारण 5 की जगह सिर्फ 4 फील्डर बाउंड्री के बाहर रखने की अनुमति थी। विंडीज टीम ने इसका पूरा फायदा उठाया और आसानी से मैच जीत लिया।
गिल ने कहा, 'मुझे लगता है कि मैच हमारे कंट्रोल में था लेकिन हम चार ओवर पीछे थे और आखिरी में उन्होंने इसका फायदा उठाकर मैच हमसे छीन लिया। अगर हम ओवर पूरे कर लेते तो शायद मैच आखिरी ओवर तक जाता।'
यह भी पढ़ें: Asian Games: क्रिकेट के बाद हॉकी में भारतीय टीम ने जीता गोल्ड, मलेशिया को हराया
भारतीय कप्तान ने फील्डिंग में भी सुधार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'हमारी फील्डिंग काफी बेहतर हो सकती है। पूरी सीरीज में हमने 6-7 कैच छोड़े। यह वर्ल्ड कप से पहले अच्छा संकेत नहीं है। आप चाहते हैं कि आपकी फील्डिंग टॉप क्लास हो।'