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एक ही कॉलेज के 4 स्टूडेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया को कैसे घुटनों पर ला दिया?

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका की जीत में सेंट स्टिथियन्स कॉलेज से पढ़े 4 खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही। इन खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत प्रोटियाज टीम ने 176 रन से बाजी मारी।

St Stithians College Cricketers South Africa vs Australia 3rd Test

सेंट स्टिथियन्स कॉलेज से निकले इन खिलाड़ियों ने साउथ अफ्रीका को केपटाउन टेस्ट जिताने में बड़ी भूमिका निभाई, Photo Credit: @ProteasMenCSA

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साउथ अफ्रीका ने तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को 176 रन से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर लिया। केपटाउन में खेले गए इस निर्णायक मुकाबले में प्रोटियाज टीम ने 288 रन का टारगेट रखा था। मुकाबले के आखिरी दिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम साइमन हार्मर की फिरकी में फंसकर महज 111 पर ही सिमट गई। ऑफ स्पिनर हार्मर ने 21.1 ओवर में 16 रन देकर 6 विकेट झटके। उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लिए। 

 

हार्मर के अलावा सेंट स्टिथियन्स कॉलेज से पढ़े 4 खिलाड़ियों ने साउथ अफ्रीका की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। यह कॉलेज साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग शहर में स्थित है, जिसे 'क्रिकेट की नर्सरी' भी कहा जाता है। चलिए उन सेंट स्टिथियन्स के खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बारे जानते हैं कि उन्होंने कैसे ऑस्ट्रेलिया को घुटनों पर ला दिया।

 

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मार्कस एकरमैन

अपने टेस्ट करियर का दूसरा ही मैच खेलने उतरे मार्कस एकरमैन ने पहली पारी में 94 गेंद में 12 चौके और 2 छक्के उड़ाते हुए 95 रन ठोके। उन्होंने नाथन लायन की गेंद पर स्टंप होने से पहले एडन मारक्रम के साथ मिलकर 158 रन की ओपनिंग साझेदारी की। हालांकि साउथ अफ्रीकी टीम की पारी 329 पर ही सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया ने 429 रन बनाकर 100 रन की लीड ले ली। एकरमैन ने दूसरी पारी में गजब का जज्बा दिखाया और दबाव में 80 गेंद में 62 रन बनाए। उन्होंने यह पारी तब खेली, जब सामने से 2 विकेट जल्दी-जल्दी गिर गए थे।

 

मार्कस एकरमैन, Photo Credit: @ProteasMenCSA

रायन रिकलटन

विकेटकीपर बल्लेबाज रायन रिकलटन ने पहली पारी में धैर्यपूर्ण 42 रन बनाए थे। सातवें विकेट के रूप में उनके आउट होते ही साउथ अफ्रीका के बाकी बचे बल्लेबाज महज 2 रन ही जोड़ पाए। दूसरी पारी में वह उस समय क्रीज पर उतरे जब प्रोटियाज टीम ने 131 रन पर 4 विकेट खो दिए थे। टीम के पास महज 31 रन की बढ़त थी। रिकलटन ने यहां से मैथ्यू ब्रीत्जके (43) के साथ पांचवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने वियान मुल्डर के साथ मिलकर 154 रन जोड़े, जो टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। रिकलटन ने 101 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौटे।

 

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वियान मुल्डर और रायन रिकलटन, Photo Credit: @ProteasMenCSA

वियान मुल्डर

ऑलराउंडर वियान मुल्डर पहली पारी में खाता भी नहीं खोल सके थे। ऑस्ट्रेलिया की पहली के दौरान वह बॉलिंग में भी कुछ खास नहीं कर सके और सिर्फ लायन का विकेट लिया। साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी के दौरान उन्होंने अपनी काबिलियत दिखाई और 221 गेंद में 115 रन जड़ दिए। रिकलटन के आउट होने के बाद मुल्डर ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर 50 से ज्यादा रन बटोरे और प्रोटियाज टीम को सुरक्षित स्थिति में पहुंचा दिया।

 

Photo Credit: St Stithians College/FB

कैगिसो रबाडा 

दिग्गज तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के दौरान 1 ही विकेट निकाल पाए थे। वह स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से भी जूझते नजर आए और दूसरे दिन फील्ड से भी बाहर चले गए थे। ऑस्ट्रेलियाई जब आखिरी दिन टारगेट चेज करने उतरी तब रबाडा ने बताया कि पूरी तरह से फिट नहीं होने के बावजूद वह कितने घातक है। उन्होंने पहले ओवर में ही मैट रैनशॉ (0) और मार्नस लाबुशेन (4) को पवेलियन भेज ऑस्ट्रेलिया की हालत खराब कर दी। इसके बाद अपने चौथे ओवर में रबाडा ने ट्रेविस हेड (14) का बड़ा विकेट झटक साउथ अफ्रीका के लिए जीत के दरवाजे खोल दिए। उन्होंने हेड को पवेलियन टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज (गेंद के हिसाब से) 350 विकेट लेने का रिकॉर्ड भी बनाया।


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