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FIFA वर्ल्ड कप में अमेरिका की सबसे बड़ी जीत, पराग्वे को 4-1 से धोया

अमेरिका ने FIFA वर्ल्ड कप 2026 में ऐतिहासिक जीत के साथ शुरुआत की है। टूर्नामेंट की सह-मेजबान टीम ने पराग्वे को 4-1 से हरा दिया है।

USA Football Players

अमेरिकी फुटबॉल टीम के खिलाड़ी, Photo Credit: FIFA World Cup/X

FIFA वर्ल्ड कप 2026 के सह-मेजबान अमेरिका ने अपने अभियान का धमाकेदार आगाज किया है। फोलारिन बालोगुन की दो गोल की बदौलत अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से रौंद दिया है। अमेरिका की वर्ल्ड कप में यह सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले उसने इस टूर्नामेंट में कभी 3 से ज्यादा गोल नहीं किए थे। यही नहीं अमेरिकी टीम ने पहले हाफ में 3 गोल दागे जो वर्ल्ड कप में उसका रिकॉर्ड है। 

 

पराग्वे की तरफ से एकमात्र गोल मॉरीसियो ने 73वें मिनट में किया लेकिन 16 साल में अपना पहला वर्ल्ड कप खेल रही साउथ अमेरिका की यह टीम शुरू में पिछड़ने के बाद किसी भी समय वापसी नहीं कर पाई।

 

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शुरू से आक्रामक रहा अमेरिका 

अमेरिका ने शुरू से ही आक्रामक रवैया अपनाया लेकिन उसने खाता आत्मघाती गोल से खोला। बालोगुन ने 31वें और पहले हाफ के इंजरी टाइम में गोल कर अमेरिका को इंटरवल तक 3-0 से आगे रखा था। क्रिश्चियन पुलिसिच ने पहले हाफ में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दो गोल करने में मदद की। दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के आखिरी क्षणों में जियो रेना ने एक और गोल दागा। इस तरह से अमेरिकी टीम ने वर्ल्ड कप के किसी मैच में पहली बार 4 गोल किए। 

 

अमेरिका ने चार साल पहले कतर में खेले गए वर्ल्ड कप में अपने 4 मैचों में कुल मिलाकर केवल 3 गोल किए थे। नए कोच मॉरीशियो पोचेटीनो के मार्गदर्शन में अलग शैली में खेल रही अमेरिका की टीम ने अपने खेल से स्टेडियम में मौजूद 70,492 दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुलिसिच को उनके बाएं पैर की पिंडली के पिछले हिस्से में चोट लगने और उसके बाद कुछ जकड़न महसूस होने के बाद एहतियात के तौर पर हाफ टाइम के बाद मैदान पर नहीं उतारा गया और उनकी जगह सेबेस्टियन बर्हाल्टर ने ली।

 

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अमेरिकी फुटबॉल के हीरो बने बालोगुन

पुलिसिच के शानदार खेल की बदौलत डेमियन बोबाडिला ने सातवें मिनट में आत्मघाती गोल कर दिया। एसी मिलान की तरफ से खेलने वाले इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने सातवें मिनट में चतुराई से दो डिफेंडरों को चकमा दिया और वेस्टन मैककेनी को पास दिया, जिनका शॉट पराग्वे के मिडफील्डर बोबाडिला के पांव से लगकर गोल में चला गया।

 

इसके बाद बालोगुन ने 31वें मिनट में और फिर पहले हाफ के इंजरी टाइम के पांचवें मिनट में गोल दागा। न्यूयॉर्क में जन्मे और लंदन में पले-बढ़े स्ट्राइकर बालोगुन ने वर्ल्ड कप में डेब्यू करते हुए 1930 के बाद टूर्नामेंट में किसी अमेरिकी खिलाड़ी द्वारा एक से अधिक गोल करने का कारनामा किया। 

 

बालोगुन ने इंग्लैंड की तरफ से खेलने की बजाय तीन साल पहले अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने का विकल्प चुना था। अगर वह इंग्लैंड की तरफ से खेलना चाहते तो हो सकता था कि उन्हें टीम में जगह नहीं मिलती। मगर अब वह अमेरिकी फुटबॉल हीरो बन गए हैं।


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