भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर कई बार कह चुके हैं कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए किसी की जगह पक्की नहीं है। गंभीर-अगरकर के बयानों को विराट कोहली और रोहित शर्मा से जोड़ा जाता है। समझा जाता है कि वे इशारों-इशारों में कह रहे हैं कि कोहली-रोहित को परफॉर्म करना होगा, तभी उन्हें वनडे वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया जाएगा।
कोहली-रोहित टेस्ट और टी20I से संन्यास ले चुके हैं। ये दोनों दिग्गज टीम इंडिया के लिए अब सिर्फ वनडे खेलते हैं। दोनों की उम्र को देखते हुए उनका 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलना तय नहीं माना जा रहा है। इस बीच कोहली ने बड़ा बयान दिया है। कोहली ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के एक पॉडकास्ट में साफ किया है कि वह वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं लेकिन ऐसे सेट-अप का हिस्सा नहीं बनना चाहते, जहां उन्हें अपनी काबिलियत और अहमियत साबित करनी पड़े।
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दबाव वाले माहौल में मैं नहीं रह सकता - कोहली
कोहली ने कहा है कि उन्हें अपने महत्व को लेकर किए जा रहे आकलन में लगातार बदलाव से नफरत है। कोहली ने कहा, 'मैं हमेशा तैयार रहता हूं क्योंकि यही मेरी रोजमर्रा की जिंदगी है। मैं एक्सरसाइज करता हूं, हम घर पर अच्छा खाना खाते हैं। मुझे इस तरह जीना पसंद है। यह केवल क्रिकेट खेलने तक सीमित नहीं है। मेरा कहने का मतलब है कि 2027 के वर्ल्ड कप को लेकर होने वाली बातें और बाकी सब। मुझे कई बार पूछा गया है कि क्या आप 2027 में खेलना चाहते हैं।'
उन्होंने कहा, 'मुझे इसका जवाब पता है और अगर मैं खेल रहा हूं तो फिर मैं क्रिकेट खेलना चाहता हूं। मैं खेलना जारी रखना चाहता हूं। भारत के लिए वर्ल्ड कप खेलना शानदार है।'
कोहली ने आगे कहा, 'मेरा नजरिया बिल्कुल स्पष्ट है। मैं जिस माहौल का हिस्सा हूं उसमें कुछ योगदान दे सकता हूं और टीम को भी लगता है कि मैं योगदान दे सकता हूं, तो मैं खेलता रहूंगा। अगर मुझे अपनी काबिलियत और अहमियत साबित करने की जरूरत महसूस कराई जाती है तो मैं उस माहौल में नहीं रह सकता।'
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50 ओवर फील्डिंग करने के लिए तैयार
37 साल के कोहली ने कहा कि जब तक टीम को उनकी जरूरत होगी, वह टीम के साथ बने रहेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी तैयारियों के प्रति ईमानदार हूं, मैं खेल के प्रति अपने दृष्टिकोण के प्रति ईमानदार हूं। मैं पूरी लगन से मेहनत करता हूं। जब मैं खेलने के लिए जाता हूं तो मैं दूसरों से कम नहीं बल्कि उनसे भी ज्यादा मेहनत करता हूं और सही तरीके से खेलता हूं।'
कोहली ने बताया कि वह हमेशा कड़ी मेहनत के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं इसी तरह से तैयारी करता हूं। मैं 50 ओवर तक फील्डिंग करने के लिए तैयार हूं। इस तरह से खेलने के बाद भी अगर मुझे अपनी काबिलियत और अहमियत साबित करनी पड़े, तो वह जगह मेरे लिए नहीं है।'
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'विजय हजारे में कुछ साबित करने के लिए नहीं खेला'
कोहली ने 2025-26 सीजन के दौरान दो दशकों के बाद विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने का उदाहरण दिया। उन्होंने दिल्ली के लिए दो मैच खेले और उनमें से एक में शतक लगाने के साथ-साथ लिस्ट-ए में सबसे कम पारियों में 16,000 रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने। उन्होंने कहा, 'मैं तब स्पष्ट सोच के साथ वहां गया था कि मुझे वहां किसी को कुछ साबित नहीं करना है। मैं वहां खेलने गया क्योंकि मुझे खेल खेलना पसंद है।' कोहली ने कहा, 'मैं इसलिए खेलना चाहता हूं क्योंकि मुझे खेल से प्यार है। मुझे बल्लेबाजी करने में बहुत मजा आने लगा। मुझे फिर से एक बच्चे जैसा महसूस हुआ।'