के एल राहुल इन दिनों अच्छी फॉर्म में चल रहे हैं। लगभग सभी फॉर्मैट में भारत के लिए खेलने वाले के एल राहुल ने अपनी रिटायरमेंट के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि एक समय पर उनके मन में भी रिटायरमेंट का विचार आया था। केविन पीटरसन के साथ बातचीत में के एल राहुल ने कहा है कि उनके लिए संन्यास का फैसला बहुत मुश्किल नहीं होगा क्योंकि क्रिकेट के अलावा भी जिंदगी है। के एल राहुल का कहना है कि जब समय आएगा तो वह बिना देर किए रिटायर हो जाएंगे।
अब अगर आप भी यह खबर पढ़कर हैरान हो रहें तो एक लंबी सांस लीजिए। के एल राहुल का यह भी कहना है कि अभी इस सबमें समय बाकी है। यानी के एल राहुल अभी तो संन्यास नहीं लेने वाले हैं। हालांकि, उनका कहना है कि जब से वह पिता बने हैं, तब से जीवन के प्रति उनका नजरिया पूरी तरह से बदल गया है।
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क्या बोले के एल राहुल?
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन के साथ बातचीत में राहुल ने कहा कि संन्यास लेना कोई मुश्किल फैसला नहीं होगा क्योंकि क्रिकेट के अलावा भी जीवन है। भारत की टेस्ट और वनडे टीमों के प्रमुख खिलाड़ी 33 वर्षीय राहुल ने पीटरसन से उनके यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘मैंने इसके बारे में सोचा है। मुझे नहीं लगता कि यह (संन्यास लेना) इतना मुश्किल होगा। अगर आप खुद के प्रति ईमानदार हैं तो जब समय आएगा तब इसे टालने का कोई मतलब नहीं होगा। निश्चित तौर पर इसमें अभी कुछ समय लगेगा।’
राहुल ने 67 टेस्ट मैचों में 35.8 के औसत से 4,053 रन और 94 वनडे मैचों में 50.9 के औसत से 3,360 रन बनाए हैं। उन्होंने 72 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 37.75 के औसत और 139 के स्ट्राइक रेट से 2,265 रन भी बनाए हैं। राहुल ने कहा कि वह खुद को सुपरस्टार या बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं मानते हैं, जिससे उन्हें लगता है कि भविष्य में संन्यास का फैसला करना आसान हो जाएगा।
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इंजरी और परिवार पर क्या बोले?
उन्होंने आगे कहा, ‘बस चुपचाप (खेलना) छोड़ दो। जो कुछ तुम्हारे पास है, उसका आनंद लो। तुम्हारा परिवार भी है, इसलिए बस वही करो जो तुम्हें अच्छा लगे। यही सबसे कठिन है। इसलिए मैं खुद को यही समझाने की कोशिश करता हूं कि मैं बहुत महत्वपूर्ण नहीं हूं। हमारे देश में क्रिकेट चलता रहेगा। दुनिया भर में क्रिकेट चलता रहेगा। जीवन में और भी महत्वपूर्ण चीजें हैं और मुझे लगता है कि यह सोच मेरी हमेशा से रही है लेकिन जब से मैं पिता बना हूं तब से जीवन के प्रति मेरा नजरिया पूरी तरह बदल गया है। यही मेरी सोच है।'
इस स्टाइलिश बल्लेबाज ने कई चोटों से जूझने की सबसे मुश्किल चुनौती के बारे में भी खुलकर बात की, जिसके कारण उन्हें शीर्ष स्तर पर अपनी निरंतरता को लेकर सवाल उठाने पड़े। उन्होंने कहा, ‘ऐसा भी समय था जब मैं चोटिल हो गया। मुझे कई बार चोट लगी है और यही सबसे मुश्किल चुनौती होती है। यह वह दर्द नहीं है जो फिजियोथेरेपिस्ट या सर्जन आपको देते हैं। यह मानसिक द्वंद्व है जहां आपका मन हार मान लेता है। जब ऐसा बार-बार होता है, तो आपका मन सोचने लगता है, तुमने बहुत कुछ कर लिया है। तुम भाग्यशाली रहे हो कि क्रिकेट ने तुम्हें पर्याप्त पैसा दिया है। तुम इससे आगे कई साल गुजार सकते हो।’
बता दें कि राहुल गुरुवार को मोहाली में पंजाब के खिलाफ होने वाले रणजी ट्रॉफी मैच में कर्नाटक की ओर से खेलेंगे।