भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन (23 अगस्त)
यशस्वी जायसवाल
और असिथा फर्नांडो भिड़ गए थे। यशस्वी को आउट करने के बाद श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने आक्रामक जश्न मनाया था और उन पर कुछ फब्तियां कसी थी, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस बीच दोनों का सिर टकराया था, जिस पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने उन्हें कड़ी सजा दी है।
ICC ने दोनों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। वर्ल्ड क्रिकेट की गवर्निंग बॉडी ने सोमवार (24 अगस्त) को बयान जारी कर बताया कि दोनों ने कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.12 का उल्लंघन किया था। यशस्वी और असिथा के खाते में 1-1 डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है। बता दें कि 24 महीने में 4 डिमेरिट पॉइंट होने पर खिलाड़ी एक या दो मैच के लिए सस्पेंड हो सकता है। यशस्वी और असिथा ने पिछले 24 महीने में इस तरह का कोई जुर्म नहीं किया था, जिसके चलते वे निलंबित होने से बच गए।
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ICC ने अपने बयान में क्या-क्या है?
ICC ने बयान जारी कर बताया, 'दोनों खिलाड़ियों को ICC के प्लेयर्स और प्लेयर सपोर्ट स्टाफ के लिए कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.12 को तोड़ने का दोषी पाया गया, जो किसी प्लेयर, प्लेयर सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या किसी दूसरे व्यक्ति (इंटरनेशनल मैच के दौरान दर्शक सहित) के साथ गलत फिजिकल कॉन्टैक्ट से जुड़ा है।'
बयान में आगे कहा गया है, 'इस वजह से जायसवाल और फर्नांडो पर उनकी मैच फीस का 25 फीसदी जुर्माना लगाया गया और उन्हें एक-एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया।'
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ICC ने बताया, 'यह घटना भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में हुई जब फर्नांडो ने जायसवाल को आउट किया। भारत का बल्लेबाज फर्नांडो की तरफ गया और दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद फर्नांडो ने अपना सिर जायसवाल की तरफ बढ़ाया। जवाब में जायसवाल झुके, जिससे उनके सिर टकरा गए।'
बयान में आगे बताया गया है कि 'दोनों खिलाड़ियों ने अपनी गलती मान ली और मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया, इसलिए फॉर्मल सुनवाई की कोई जरूरत नहीं पड़ी।'