उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मुरादाबाद से अलीगढ़ तक 150 किलोमीटर लंबे फोरलेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, बुलंदशहर और अलीगढ़ को जोड़ने वाले इस हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने मुरादाबाद में 22 गांवों की करीब 190 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेज कर दी है। अलीगढ़ की गभाना और कोल तहसील के 45 गांव भी भूमि अधिग्रहण की जद में आएंगे।
मुरादाबाद से चंदौसी, बबराला, डिबाई होते हुए अलीगढ़ की दूरी करीब 150 किलोमीटर है। मौजूदा संकरे मार्ग और भारी वाहनों के दबाव के कारण इस सफर में जाम की वजह से 3 से 4 घंटे तक लग जाते हैं। नया फोरलेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे बनने के बाद वाहनों को 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार मिल सकेगी और सफर करीब डेढ़ से दो घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।
मुरादाबाद से अमरोहा-संभल होते हुए अलीगढ़
प्रस्तावित हाईवे मुरादाबाद से निकलकर अमरोहा, संभल और बुलंदशहर होते हुए अलीगढ़ तक जाएगा। मुरादाबाद में यह दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाकबड़ा से पहले CNG पंप के पास से निकलकर रिंग रोड से जुड़ेगा। इसके बाद कुंदरकी और संभल के सिरसी क्षेत्र से होते हुए बुलंदशहर की ओर जाएगा और आगे अलीगढ़ रिंग रोड से कनेक्ट होगा। यह हाईवे पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड होगा। किसी गांव या रास्ते से सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा। वाहनों के आने-जाने के लिए निर्धारित इंटरचेंज बनाए जाएंगे। दो पहिया और तीन पहिया वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित रहेगी।
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22 गांवों की 190 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण
NHAI विशेष भूमि अधिकारी के जरिए भूमि अधिग्रहण की सूचना जारी करने के बाद जमीन चिन्हित करेगा। लेखपाल और अन्य राजस्व अधिकारी जमीन मालिकों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन में मदद करेंगे। मुआवजा देने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। मुरादाबाद में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच संबंधित जमीनों की खरीद-बिक्री और नई रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है।
NHAI 90 दिनों में चिन्हित भूमि का अवार्ड घोषित कर मुआवजा बांटने की प्रक्रिया पूरी करेगा। मुरादाबाद सदर तहसील के चार और बिलारी तहसील के 17 गांवों की जमीन प्रस्तावित हाईवे की जद में आएगी। सदर तहसील के उमरी, गिन्नौर देह माफी, गजगोला नानकबाड़ी और कस्बा मुरादाबाद की जमीन प्रस्तावित है। बिलारी तहसील के रतनपुर कलां, मालीपुर, फतेहपुर खास, मलकपुर, करीमपुर जब्ती, रसूलपुर हमीर, जाफरपुर, लालपुर गंगवारी, अजमतपुर, ललवारा, कुतुबपुर रायब, अल्लापुर भीकन, बघी गोबरधनपुर, खुर्रमनगर बिचौला, मदारपुरा और नौसना शेखूपुर समेत अन्य गांवों की जमीन भी अधिग्रहित होगी।
गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा
मुरादाबाद-अलीगढ़ हाईवे को बदायूं लिंक के जरिए गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इससे मुरादाबाद और अलीगढ़ से गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते प्रयागराज और पूर्वांचल तक जाने की कनेक्टिविटी आसान होगी। भारी ट्रकों और कृषि वाहनों के टकराव को रोकने के लिए हाईवे पर अंडरपास, एलिवेटेड बाईपास और पैदल पुल बनाए जाएंगे। मोहम्मद इब्राहिमपुर टोल प्लाजा पर टोल टैक्स की नई दरें लागू हो चुकी हैं।
वहीं, अलीगढ़-मुरादाबाद खंड पर एक बड़े पुल के निर्माण के लिए 12.5 करोड़ रुपये का टेंडर जून 2026 में जारी किया जा चुका है। मुरादाबाद से अलीगढ़ तक बनने वाले इस हाईवे को आगरा-अलीगढ़ फोरलेन नेटवर्क से भी कनेक्टिविटी मिलेगी। आगरा से अलीगढ़ के 28 किलोमीटर पैकेज-1 के चौड़ीकरण का काम मार्च से शुरू हो चुका है, जिसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद मुरादाबाद से आगरा तक फोरलेन कनेक्टिविटी का नेटवर्क और मजबूत होगा।
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रियल एस्टेट और वेयरहाउसिंग की मांग बढ़ी
भूमि अधिग्रहण और सर्वे का काम आगे बढ़ने के साथ हरदुआगंज, पनेठी और गभाना के बाहरी इलाकों में रियल एस्टेट, कृषि भूमि और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। इन इलाकों में वेयरहाउस बनाए जाने की मांग में भी तेजी देखी जा रही है। मुरादाबाद-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे के निर्माण से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी विकसित होगी। फिलहाल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ परियोजना के निर्माण की दिशा में अगला चरण शुरू होगा।