बिहार के किशनगंज अंतर्गत हरवाडांगा पंचायत के वार्ड नंबर 10 स्थित सुल्तानगंज गांव में एक ऐसा हृदयविदारक हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घर के ठीक बगल में मिट्टी की खुदाई के दौरान अचानक ढाह (टीला) गिरने से एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चे जिंदा जमीन में दफन हो गए। इस घटना में तीनों बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद से गांव में कोहराम मचा हुआ है और हर आंख नम है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चे अपने घर के समीप ही मिट्टी खोद रहे थे। इसी दौरान ऊपर से मिट्टी का एक विशाल टीला अचानक भरभराकर उन पर आ गिरा। बच्चों को संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिला और वे भारी-भरकम मिट्टी के मलबे के नीचे दब गए। जब तक आसपास के ग्रामीणों को घटना की भनक लगी और वे मौके पर पहुंचकर मिट्टी हटाकर बच्चों को बाहर निकालते, तब तक देर हो चुकी थी।
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परिजनों की चीत्कार से गूंजा इलाका
घटना के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। बच्चों के परिजनों की चीत्कार से पूरा इलाका गूंज उठा। मां-बाप अपने लालों को मिट्टी में दबा देखकर बेसुध हो गए। गांव की महिलाएं भी दहाड़े मारकर रो रही थीं। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि कुछ देर पहले तक हंसते-खेलते बच्चे अब इस दुनिया में नहीं रहे। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे रोज की तरह ही घर के पास खेल रहे थे। उन्हें क्या पता था कि खेल-खेल में ही मौत उनका इंतजार कर रही है। मिट्टी का टीला इतनी तेजी से गिरा कि बच्चे कुछ समझ ही नहीं पाए।
गांव में पसरा सन्नाटा
हादसे के बाद सुल्तानगंज गांव में सन्नाटा पसर गया है। घर-घर में मातम छाया हुआ है। जिस घर के तीन चिराग बुझे हैं, वहां तो कोहराम मचा हुआ है। परिजनों को सांत्वना देने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई। मिट्टी की खुदाई तो गांव में आम बात है, लेकिन इस बार यह खुदाई तीन मासूमों की जान ले गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों बच्चों के शवों को मिट्टी से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रशासन के अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार बेहद गरीब है। तीन-तीन बच्चों की मौत से परिवार टूट गया है। सरकार को इस परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
इस हादसे ने एक बार फिर मिट्टी की खुदाई के दौरान बरती जाने वाली सावधानी की ओर ध्यान दिलाया है। अक्सर लोग घर बनाने या अन्य कामों के लिए ऊंचे टीलों से मिट्टी खोदते हैं, जो बेहद खतरनाक होता है। बारिश के बाद मिट्टी और भी कमजोर हो जाती है और कभी भी धंस सकती है।