बैरागढ़ को CM सुक्खू की बड़ी सौगात, 182 महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1500
चंबा जिला प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चुराह के बैरागढ़ की महिलाओं को हर महीने 1500 रूपये देने का एलान किया है। सीएम ने CBSE स्कूल खोलने की भी घोषणा भी की है।

चंबा में लोगों से संवाद करते मुख्यमंत्री सुक्खू, Photo Credit-DPR Shimla
हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने और ग्रामीणों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद गांवों तक पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री गत रात चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र के बैरागढ़ स्थित देहग्रां पहुंचे। यहां ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, बल्कि क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
इनमें 182 पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता, बैरागढ़ के सरकारी स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध करने और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ब्याज सब्सिडी जैसी घोषणाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से खासकर महिलाओं, युवाओं और स्वरोजगार शुरू करने की इच्छा रखने वाले लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहे चुराह क्षेत्र में सरकार की इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
182 महिलाओं के खाते में हर महीने आएंगे 1500 रुपये
बैरागढ़ की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री की सबसे अहम घोषणा आर्थिक सहायता से जुड़ी रही। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार अगले महीने से ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करेगी। इसके तहत गरीब परिवारों की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से घोषणा की कि इस योजना के तहत बैरागढ़ क्षेत्र की 182 पात्र महिलाओं को भी हर महीने 1500-1500 रुपये मिलेंगे। यानी इन महिलाओं को सालाना 18 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी।
योजना का लाभ केवल मासिक आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत पात्र परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य बीमा कार्ड के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सा सुविधा देने का भी प्रावधान किया गया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को घरेलू खर्च और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में राहत मिलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें: एचआरटीसी के 8500 पेंशनरों को दिवाली से पहले राहत, 3% डीए देने के निर्देश
बैरागढ़ स्कूल को अगले सत्र से CBSE की संबद्धता
शिक्षा के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने बैरागढ़ को बड़ी सौगात दी। उन्होंने बैरागढ़ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला को अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई से संबद्ध करने की घोषणा की। इस फैसले से क्षेत्र के विद्यार्थियों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई का अवसर मिल सकेगा। चुराह जैसे दुर्गम क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों को अक्सर दूर के विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय सरकारी स्कूल को सीबीएसई से जोड़ने की घोषणा को शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
अपनी जमीन पर सोलर प्लांट लगाएं, ब्याज का बोझ उठाएगी सरकार
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा को आजीविका के प्रमुख साधन के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है।इसके लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार सौर ऊर्जा योजना लागू की गई है। इसके तहत निजी भूमि पर 100 किलोवाट से लेकर दो मेगावाट तक के सोलर पैनल स्थापित करने के लिए जनजातीय क्षेत्रों में पांच प्रतिशत और गैर-जनजातीय क्षेत्रों में चार प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 250 किलोवाट से एक मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए यदि कोई व्यक्ति बैंक से ऋण लेता है तो उस पर लगने वाले नौ प्रतिशत ब्याज में से पांच प्रतिशत ब्याज सब्सिडी सरकार देगी। इसका सीधा उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक रोजगार के विकल्पों से आगे बढ़कर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में उद्यमी बनाना है। इससे निजी भूमि का उपयोग आय अर्जित करने के लिए किया जा सकेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
यह भी पढ़ें: राजस्थान को बिजली बेचकर कितना कमाएगा हिमाचल? सीएम सुक्खू ने बताया आंकड़ा
होम-स्टे के लिए पांच करोड़ तक के निवेश पर ब्याज अनुदान
चुराह जैसे प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होम-स्टे योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को मजबूत करने के लिए होम-स्टे स्थापित करने, उनका विस्तार करने अथवा उन्नयन के लिए पांच करोड़ रुपये तक के निवेश पर पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान कर रही है। इससे स्थानीय लोगों को अपने घरों और उपलब्ध जमीन का इस्तेमाल पर्यटन गतिविधियों के लिए करने का अवसर मिल सकता है। चुराह की प्राकृतिक सुंदरता, पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय जीवनशैली को पर्यटन से जोड़कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।
गांव पहुंचकर सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को दिए निर्देश
‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांग पत्र लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर क्षेत्र की जरूरतों और विकास संबंधी मांगों को समझा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त सभी जायज शिकायतों का त्वरित और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राजधानी या जिला मुख्यालयों में बैठकर योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि गांवों में जाकर वहां की वास्तविक परिस्थितियों को समझना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां अलग-अलग हैं। इसलिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करने और बजट में आवश्यक बदलाव करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं।
यह भी पढ़ें: हिमाचल के भटियात को CM सुक्खू की सौगात, कोर्ट से स्कूल तक बड़े ऐलान
दुर्गम चुराह में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर दिखा उत्साह
मुख्यमंत्री के देहग्रां पहुंचने पर स्थानीय लोगों, महिलाओं और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित मांगें भी रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गांवों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दे रही है। सरकार की कोशिश है कि दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को भी विकास योजनाओं का लाभ उनके घर-द्वार पर उपलब्ध हो।
इस अवसर पर विधायक नीरज नैय्यर, पूर्व विधायक सुरेंद्र भारद्वाज, कांग्रेस महासचिव यशवंत खन्ना, हज कमेटी के चेयरमैन दिलदार अली भट्ट, कांग्रेस नेता प्रकाश बटाली, ब्लॉक कांग्रेस प्रधान भूपिंदर ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
और पढ़ें
Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies
CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | EDITORIAL POLICY | Sitemap




