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बिहार में नए वकीलों को मिलेंगे 5000 रुपये महीना, क्या है स्टाइपेंड योजना?

बिहार सरकार ने युवा अधिवक्ताओं के लिए बिहार अधिवक्ता स्टाइपेंड की शुरुआत की है। इसके तहत नए पंजीकृत वकीलों को हर महीने 5 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

CM Samrat Choudhary

सीएम सम्राट चौधरी। (Photo Credit: X/@samrat4bjp)

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बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने नए वकीलों को बड़ा तोहफा दिया है। युवा पंजीकृत वकीलों को हर महीने 5 हजार रुपये का का स्टाइपेंड मिलेगा। सीएम सम्राट चौधरी ने ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान में स्टाइपेंड योजना का शुभारंभ किया। हाल ही में पंजीकृत वकीलों को चेक भी सौंपा। बिहार सरकार ने युवा अधिवक्ताओं को आर्थिक संबल देने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की है।

 

सीएम के हाथों चेक पाकर युवा अधिवक्ताओं के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधि के क्षेत्र में अपना करियर शुरू करने वाले युवा अधिवक्ताओं को शुरुआत में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार आर्थिक तंगी के कारण युवा वकालत छोड़ देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना युवा अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन देगी। इससे विधि के क्षेत्र में अपना करियर शुरू करने वाले युवा अधिवक्ताओं को आर्थिक मदद मिलेगी। वे बिना किसी चिंता के अपने पेशे पर ध्यान दे सकेंगे।

 

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सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है। अधिवक्ता भी समाज का एक अहम हिस्सा हैं। वे न्याय व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके बिना न्याय की कल्पना नहीं की जा सकती। इस कारण सरकार ने तय किया है कि नए अधिवक्ताओं को शुरुआत में आर्थिक मदद दी जाएगी।

महाधिवक्ता ने किया सीएम का स्वागत

कार्यक्रम में महाधिवक्ता एसडी संजय ने मुख्यमंत्री एवं पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीशगण, महाधिवक्ता, बार काउंसिल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

क्या है स्टाइपेंड योजना?

स्टाइपेंड योजना के तहत बिहार बार काउंसिल में नवपंजीकृत अधिवक्ताओं को 5 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यह राशि एक निश्चित अवधि तक दी जाएगी, ताकि युवा अधिवक्ता अपने पैरों पर खड़े हो सकें। योजना का लाभ उन्हीं अधिवक्ताओं को मिलेगा, जिन्होंने हाल ही में अपना पंजीकरण कराया है और वकालत शुरू की है। इसके लिए अधिवक्ताओं को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। योजना के शुभारंभ के बाद युवा अधिवक्ताओं में खुशी की लहर है। अधिवक्ताओं का कहना है कि शुरुआत में केस नहीं मिलते हैं। कई बार महीनों तक कोई आय नहीं होती है। ऐसे में 5 हजार रुपये की राशि से काफी मदद मिलेगी।

 

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बार काउंसिल ने की सराहना

बिहार बार काउंसिल के पदाधिकारियों ने भी इस योजना की सराहना की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से युवा अधिवक्ताओं के लिए स्टाइपेंड की मांग की जा रही थी। सरकार ने इस मांग को पूरा कर दिया है। इससे हजारों युवा अधिवक्ताओं को लाभ मिलेगा। एलएन मिश्र इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता पहुंचे थे। पूरा सभागार खचाखच भरा हुआ था। कई अधिवक्ता खड़े होकर कार्यक्रम देख रहे थे।


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