उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में बैंक ऑफ इंडिया की भारौल शाखा में सामने आए करोड़ों रुपये के गोल्ड लोन घोटाले ने बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोल्ड लोन के बदले गिरवी रखे गए सोने के 96 पैकेट बैंक की मुख्य तिजोरी से गायब पाए गए हैं। मामला तब सामने आया जब शाखा का एक अधिकारी अचानक बिना सूचना गायब हो गया और बैंक के जोनल कार्यालय ने जांच शुरू कराई।
तिजोरी खुलने पर जो तस्वीर सामने आई, उसने बैंक अधिकारियों के होश उड़ा दिए। आंतरिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद तीन अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस, बैंक की विजिलेंस टीम और वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटे हैं।
स्टाफ अधिकारी के गायब होने से खुला मामला
सूत्रों के मुताबिक शाखा के स्टाफ अधिकारी दिलीप कुमार के अचानक लापता होने के बाद बैंक प्रबंधन को संदेह हुआ। शाखा प्रबंधन ने इसकी सूचना आगरा जोनल कार्यालय को दी। बैंक की मुख्य तिजोरी दो अलग-अलग चाबियों से संचालित होती है और एक चाबी दिलीप कुमार के पास थी, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया गया। आगरा जोनल कार्यालय ने वरिष्ठ अधिकारियों की टीम को जांच के लिए शाखा भेजा। 15 जून को विशेषज्ञों की मदद से मुख्य तिजोरी खोली गई। जांच के दौरान पता चला कि गोल्ड लोन के बदले जमा कराए गए सोने के 96 पैकेट गायब हैं। करोड़ों रुपये मूल्य का सोना तिजोरी से गायब मिलने के बाद बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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बैंक की आंतरिक जांच रिपोर्ट और पैनल अधिवक्ता की विधिक राय के आधार पर आगरा जोनल कार्यालय के मुख्य प्रबंधक आदित्य सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने स्टाफ अधिकारी दिलीप कुमार, नरेश कुमार और तत्कालीन शाखा प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
ग्राहकों में बढ़ी चिंता, ब्रांच पहुंचे लोग
घोटाले की जानकारी सामने आने के बाद गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों में चिंता बढ़ गई है। बड़ी संख्या में लोग शाखा पहुंचकर अपने गिरवी रखे गए गहनों की स्थिति जानने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, बैंक प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है, जिससे ग्राहकों की बेचैनी और बढ़ गई है। एसएसपी आदित्य ने बताया कि पुलिस और बैंक की विजिलेंस टीम संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही है। मुख्य आरोपी माने जा रहे स्टाफ अधिकारी दिलीप कुमार की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ घोटाले की परतें खुलेंगी और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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बैंक की मुख्य तिजोरी से इतने बड़े पैमाने पर सोना गायब होने की घटना ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर तिजोरी में रखे गए दर्जनों पैकेट कब और कैसे गायब हुए, इसकी जांच अब पुलिस और बैंक की विजिलेंस टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।