पंजाब में आम आदमी पार्टी ने 2022 विधानसभा चुनाव में कई बड़े वादे किए थे और एजुकेशन को पार्टी ने एक बड़ा मुद्दा बनाया था। जनता ने बंपर सीटों के साथ सत्ता दी और भगवंत मान की सरकार ने मेडिकल एजुकेशन को मजबूत करने और राज्य में नए मेडिकल कॉलेज खोलने का बड़ा वादा किया था। जून 2022 में पेश किए गए अपने पहले बजट में तत्कालीन वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने अगले पांच साल में 16 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का ऐलान किया था। सरकार ने कहा था कि इन कॉलेजों के बनने के बाद पंजाब में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 25 हो जाएगी और राज्य मेडिकल एजुकेशन का बड़ा केंद्र बनेगा।
अब राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के लगभग साढे चार साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है और 6 महीने बाद राज्य में चुनाव होंगे। सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच में जाएगी लेकिन इस रिपोर्ट कार्ड में मेडिकल कॉलेजों का वादा अधूरा ही दिखाई देगा क्योंकि चार साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी 2022 में घोषित 16 कॉलेजों में से एक भी नया सरकारी मेडिकल कॉलेज चालू नहीं हो सका है।
यह भी पढ़ें: आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पति के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी
2022 के बजट में क्या घोषणा हुई थी?
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार मार्च 2022 में बनी थी। इसके करीब तीन महीने बाद 27 जून 2022 को सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट में ऐलान किया कि अगले पांच साल में राज्य में 16 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मेडिकल एजुकेशन और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाना था। सरकार ने कहा था कि इन 16 संस्थानों के बनने के बाद पंजाब में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या 25 हो जाएगी।
इसके बाद नवंबर 2022 में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कपूरथला में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की साइट का निरीक्षण करते हुए फिर कहा था कि सरकार पांच साल में 16 मेडिकल कॉलेज बनाएगी। कपूरथला में प्रस्तावित कॉलेज के लिए 20 एकड़ जमीन और करीब 428.69 करोड़ रुपये की लागत बताई गई थी। इसके साथ 300 बेड का अस्पताल और हॉस्टल बनाने की भी बात कही गई थी। उस समय सरकार की तरफ से यह भी कहा गया था कि मेडिकल कॉलेजों के विस्तार से पंजाब के छात्रों को मेडिकल पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों या विदेश जाने की जरूरत कम होगी।
चार साल बाद क्या स्थिति है?
2026 में स्वास्थ्य विभाग की स्थिति पर नजर डालें तो 16 कॉलेजों का लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। मार्च 2026 में स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि सरकार अब सात नए मेडिकल कॉलेजों की दिशा में काम कर रही है। इनमें दो सरकारी मेडिकल कॉलेज, दो पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल और तीन प्राइलेट या अल्पसंख्यक संस्थानों के जरिए बनाए जाने वाले कॉलेज शामिल हैं।
इनमें सबसे प्रमुख परियोजना शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, होशियारपुर है। इसके निर्माण पर करीब 274.75 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें 300 बेड का अस्पताल और सालाना 100 एमबीबीएस सीट वाला मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित है। सरकार ने इसके निर्माण की शुरुआत मार्च 2026 में करने और मार्च 2028 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा एक और सरकारी मेडिकल कॉलेज कपूरथला में प्रस्तावित है। पीपीपी मॉडल के तहत संगरूर और एसबीएस नगर में संस्थानों की योजना बताई गई है। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक सात नए संस्थानों से करीब 600 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटें जुड़ सकती हैं।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों का तरस रहा पंजाब
पंजाब में मेडिकल एजुकेशन की स्थिति काफी खराब है। मार्च 2026 में स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से रिपोर्ट में पंजाब में कुल 13 मेडिकल कॉलेज और करीब 1,900 एमबीबीएस सीटें बताई गई थीं। इनमें सरकारी और निजी दोनों संस्थान शामिल हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थिति को लेकर सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध सरकारी डेटा में संख्या चार बताई गई है। पंजाब में लंबे समय से राज्य सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने पर कुछ खास जोर दिया नहीं है। साल 2021 में स्थापित डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मोहाली राज्य का सबसे नया सरकारी मेडिकल कॉलेज है। यह कॉलेज पिछली कांग्रेस सरकार ने बनवाया था और उससे पहले करीब 48 साल पहले 1973 में पंजाब सरकार ने कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज बनवाया था।
पंजाब सरकार ने पांच साल में 16 मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की थी लेकिन इसको पूरा करने में लगभग असफल रही है। होशियारपुर का प्रस्तावित कॉलेज में अब तक सबसे ज्यादा काम हुआ है लेकिन इसको पूरा होने में भी 2028 तक का समय लग सकता है।
यह भी पढ़ें: अपनी सरकार से भिड़ने के लिए क्यों तैयार हैं अनिल विज, क्या है फ्री-होल्ड पॉलिसी?
फेल हो गई सरकार?
इस पूरे मुद्दे पर एक बात साफ है कि पंजाब में सराकरी मेडिकल कॉलेजों की संख्या पहले ही काफी कम है और लंबे समय के बाद साल 2021 में एक सरकारी मेडिकल कॉलेज बनवाया गया। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने 16 मेडिकल कॉलेज खोलने की बात कही लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। अगर सरकार के दावे सही भी होंगे तो साल 2028 में पहला मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार होगा। इसलिए 2022 में घोषित 16 सरकारी मेडिकल कॉलेजों का लक्ष्य अब तक पूरा नहीं हुआ है।