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बैंक से 8.7 करोड़ ले उड़ा कर्मचारी, खूब बनाई प्रॉपर्टी, एक चूक ने पहुंचाया जेल

बैंक कर्मचारी गबन के बाद करीब 3 महीने तक काम करता रहा, किसी को शक तक नहीं हुआ। शख्स ने चोरी के पैसों से तगड़ी प्रॉपर्टी बना ली है।

bank theft AI Image ChatGPT

बैंक चोरी। AI इमेज। Photo Credit: ChatGPT

बैंकों में छोटी-मोटी चोरी और गबन के किस्से आपने तो बहुत सुने होंगे लेकिन अहमदाबाद में हुए एक कांड ने ऐसे चौंकाया है, जिस पर किसी को यकीन नहीं हो रहा है। अहमदाबाद में बैंक कर्मचारी ने ऐसी चोरी की, जिसने बैंक के खजाने को ही खाली कर दिया। बैंक ऑफ बड़ौदा के जॉइंट कस्टोडियन हरसिद्ध कडियार ने कथित तौर पर 8.70 करोड़ रुपये का गबन किया है।

हरसिद्ध कडियार बैंक के सबसे भरोसेमंद में लोगों में से एक था। 15 साल से इस बैंक में काम कर रहा था। अपने करियर के आखिरी कुछ साल से पहले हरसिद्ध ने करोड़ों में खेलने का एक ऐसा प्लान बनाया, जिसकी वजह से वह जेल पहुंच गया है। अब उसने खुद कहा है कि वह ऐशो-आराम की जिंदगी चाहता था, इसलिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। 

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कैसे 8 करोड़ की चोरी पकड़ी गई?

यह मामला बैंक ऑफ बड़ौदा की कलूपुर शाखा में सामने आया। यहांआरबीआई का करेंसी चेस्ट (भंडार गृह) भी है। बैंक की जांच चल रही थी तो वॉल्ट में से 500 रुपये के नोटों के 174 बंडल गायब पाए गए, जिनकी कुल कीमत 8.70 करोड़ रुपये थी। वॉल्ट की जिम्मेदारी चीफ कस्टोडियन संजय शर्मा और हर्षिद्ध काडियार के पास थी।

दो कस्टोडियन, फिर एक पर इल्जाम क्यों?

बैंक अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज देखा तो पता चला कि 13 जनवरी को काडियार कई बॉक्स लेकर बैंक से बाहर जा रहा था। उसने सहकर्मियों को बताया कि बॉक्स में कचरा है, जिसे वह फेंकने जा रहा है। जब राज खुला तो लोग सन्न रह गए। 

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90 दिन तक नौकरी करता रहा चोर

चोरी के बाद भी काडियार 90 दिन तक बैंक में काम करता रहा। उसे गलतफहमी थी कि तीन महीने बाद सीसीटीवी फुटेज अपने आप डिलीट हो जाएगी। इसके बाद वह काम पर नहीं आया। 13 अप्रैल को उसने 5 दिन की मेडिकल छुट्टी ली, लेकिन 20 अप्रैल के बाद वापस बैंक नहीं लौटा।

कैसे पकड़ा गया चोर?

बैंक मैनेजर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जल्दी ही हरसिद्ध काडियार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल लिया। उसने पुलिस के सामने जो कबूल किया, वह चौंकाने वाला है। 

चोरी के पैसे से क्या-क्या किया?

शुरुआती जांच में पता चला कि हरसिद्ध काडियार ने चोरी के पैसे से चांदखेड़ा में 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का बंगला, 1.40 करोड़ रुपये की दुकान और एक छोटा ट्रक खरीदा। कुछ पैसा क्रिप्टोकरेंसी में भी लगाया। उसने अपने एक सहकर्मी वैशाली बेन को 28 लाख रुपये दिए। पुलिस ने एक घर के बाहर खड़ी अर्टिगा कार से 2.20 करोड़ रुपये नकद बरामद किए।

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कार, मोबाइल जब्त, पत्नी की भूमिका संदिग्ध

पुलिस ने कार और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है। पत्नी की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हरसिद्ध काडियार की पत्नी भी इसमें शामिल है या नहीं। वह रेलवे पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।


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