राजस्थान के अजमेर जिले के बागोड़ा में कांग्रेस नेता और पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी और उनके परिवार के सदस्यों की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। शुरुआत में जिसे सड़क हादसा माना जा रहा था वह अब एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या का मामला बन चुका है। इस वारदात का आरोप किसी और पर नहीं बल्कि रामसिंह चौधरी की पहली पत्नी पर लग रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
इस पूरे मामले की शुरुआत गुरुवार सुबह बोराड़ा थाना इलाके में हुई थी। जहां सड़क किनारे एक स्कॉर्पियो कार पूरी तरह से जली हुई हालत में मिली थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस जलती हुई गाड़ी के अंदर कांग्रेस नेता पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी और उनके परिवार के सभी 4 सदस्यों की लाशें मिली थीं। पहली नजर में ऐसा लगा था कि गाड़ी में अचानक आग लग गई और परिवार के लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला जिससे उनकी जिंदा जलने के कारण मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और हड़कंप मच गया था लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने पर मामला पूरी तरह पलट गया।
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पहली पत्नी पर लगा हत्या का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच में अब यह बात सामने आ रही है कि यह कोई कार हादसा नहीं था, बल्कि प्लानिंग करके की गई हत्या थी। पुलिस जांच के मुताबित रामसिंह और उनके परिवार के लोगों पर पहले उनके घर के अंदर ही किसी धारदार हथियार से हमला करके उन्हें मार दिया गया था। इसके बाद मर्डर के सबूत मिटाने के उद्देश्य से लाशों को घर से करीब 500 मीटर दूर ले जाया गया और वहां कार में रखकर आग लगाने की घटना को अंजाम दिया गया ताकि यह एक एक्सीडेंट दिखाई दे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रामसिंह चौधरी की पहली पत्नी को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
घर के हालात
पूर्व सरपंच रामसिंह श्रीरामपुरा गांव के रहने वाले थे। हत्या का शक गहराने के बाद जब पुलिस की एक टीम उनके घर जांच के लिए पहुंची तो वहां के हालात देखकर सब हैरान रह गए। घर के अंदर कुछ ईंटें और खून के निशान मिले हैं। इसके साथ ही वहां एक माचिस भी रखी हुई मिली। घर की बारीकी से जांच करने पर पता चला कि वहां खड़े ट्रैक्टर से पहले डीजल निकाला गया था और उसके बाद पूरे घर को पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर दिया गया था ताकि खून के सारे सबूत मिटाए जा सकें। इन हालातों से हत्या का संदेह पूरी तरह सच साबित हो रहा है और पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले का जल्द ही आधिकारिक खुलासा कर दिया जाएगा।
फेसबुक पर आखिरी पोस्ट
रामसिंह चौधरी की मौत सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुई थी। अपनी मौत से ठीक 5 घंटे पहले यानी रात को लगभग 12 बजे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अपनी आखिरी पोस्ट लिखी थी। इस पोस्ट में उन्होंने खुद की पुलिस सुरक्षा हटाए जाने को लेकर सरकार और प्रशासन पर बड़े सवाल खड़े किए थे। उन्होंने लिखा था कि उन्हें पुलिस सुरक्षा के लिए गनमैन मिला हुआ था तो इस बात से किसी को क्या एतराज था। जान-माल का खतरा होने के कारण ही सरकार ने उन्हें पुलिस सुरक्षा दी थी इससे दूसरे लोगों को क्या दिक्कत या परेशानी है।
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पोस्ट के जरिए उठाए थे सुरक्षा पर सवाल
अपनी मौत से कुछ घंटे पहले पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थे और उन्होंने तीन घंटे के अंदर एक के बाद एक पूरे 13 फेसबुक पोस्ट की थीं। इन सभी पोस्ट में उन्होंने खुद की पुलिस सुरक्षा हटाए जाने पर गहरा दुख और गुस्सा जताया था। उन्होंने इसके पीछे राजनीतिक दबाव और कुछ चापलूस लोगों का हाथ बताया था। उन्होंने केकड़ी के स्थानीय घटनाक्रमों और राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के कुछ लोग उनके सरपंच बनने का बिना मतलब विरोध कर रहे हैं और सुरक्षा हटने पर खुशी मना रहे हैं।
उनकी दिलचस्पी अब सरपंच बनने में नहीं बल्कि सिर्फ अपनी सुरक्षा वापस पाने में थी। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी थी कि उनके पास कुछ नेताओं के काले कारनामों पूरा चिट्ठा है जिसे वह जल्द ही मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के सामने रखने वाले हैं ताकि पूरा सच सामने आ सके।