पंजाब के खन्ना में पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ASI सुखदेव सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एक स्थानीय शिव सेना नेता महंत कश्मीर गिरी के घर पर नशीला पदार्थ छुपाया। इस मामले में तब हैरानी हुई जब नेता के घर का एक CCTV फुटेज सामने आया। इसमें पुलिस अधिकारी कथित तौर पर खुद ही नशीला पदार्थ छुपाते नजर आ रहे हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए SSP डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने पूरे मामले की जांच के लिए SP रैंक के अधिकारी की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। साथ ही, जिस व्यक्ति पर ड्रग्स रखने का आरोप लगाकर पकड़ा गया था, उसे निर्दोष पाते हुए मामले से बरी कर दिया गया है।
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क्या है पूरा मामला?
यह पूरा घटनाक्रम खन्ना के स्थानीय शिव सेना नेता महंत कश्मीर गिरि के घर का है। हाल ही में उनके घर का एक CCTV फुटेज सोशल मीडिया और जनता के बीच वायरल हुआ था। वीडियो में दिख रहा है कि सादे कपड़ों में आया एक व्यक्ति बेडरूम में दाखिल होता है। गद्दे के नीचे एक संदिग्ध पैकेट छुपा देता है।
पैकेट छुपाने के ठीक बाद वर्दीधारी पुलिस टीम कमरे में आती है। उसी जगह से पैकेट को बरामद करने का नाटक करती है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत कार्रवाई की गई।
SSP ने क्या कहा?
खन्ना की SSP दर्पण अहलुवालिया ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि वीडियो का संज्ञान लेते हुए दोषी पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने कहा, 'पंजाब पुलिस की साख और जवाबदेही सबसे ऊपर है। 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत कानून सभी के लिए बराबर है। चाहे वह कोई आम आरोपी हो, तस्कर हो या फिर पुलिस का ही कोई कर्मचारी। पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार, फर्जी कार्रवाई या NDPS एक्ट के दुरुपयोग को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'
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SIT और विभागीय जांच
मामले की जांच केवल SIT तक सीमित नहीं है। पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, विभाग अपने स्तर पर भी एक अलग विभागीय जांच चला रहा है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पुलिस अधिकारी के पास वह पैकेट कहां से आया था जिसे घर में रखा गया था। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।