पंजाब के अमृतसर के अजनाला इलाके में GRP पुलिस के ASI सुखचैन सिंह पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी का एनकाउंटर हुआ है। पुलिस टीम जब गिरफ्तार मुख्य आरोपी बलजीत सिंह को क्राइम सीन पर लेकर पहुंची थी। आरोपी ने पुलिसकर्मियों से हथियार छीनकर हमला करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने भी कार्रवाई की और आरोपी के पैर में गोली मारी। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पुलिस का कहना है कि उन्होंने इस मामले को सुलझा लिया है।
बॉर्डर रेंज के IG गुरप्रीत सिंह भुल्लर के मुताबिक, इस हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठे ISI एजेंट ने रची थी। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने ASI को जान से मारने के इरादे से गोली चलाई थी।
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क्या है पूरा मामला?
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, 4 अक्टूबर की शाम ASI सुखचैन सिंह सादे कपड़ों में अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान बाइक पर आए तीन हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। एक गोली ASI के बाएं हाथ में लगी। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर है। शुरुआत में पुलिस के पास हमले को लेकर कोई खास सुराग नहीं था, लेकिन अमृतसर ग्रामीण के SSP कंवलप्रीत सिंह चहल और उनकी टीम ने जांच करते हुए आरोपियों की पहचान कर ली और मामले को सुलझा लिया।
पुलिस ने क्या बताया?
IG गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे ISI एजेंट ने इस हमले की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार, इस साजिश को बलजीत नाम के एक अपराधी ने आगे बढ़ाया, जो पहले गोइंदवाल साहिब जेल में बंद रह चुका है। इसके बाद साहिब गोरी नाम के आरोपी ने अपने दो साथियों सिमरनजीत और बलजीत को साथ लिया। आरोपियों ने पहले ASI के आने-जाने वाले रास्ते की रेकी की और फिर उन पर हमला कर दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपियों में से कई को गिरफ्तार कर लिया है।
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आरोपी के पैर में लगी गोली
पुलिस के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 1:15 बजे इस मामले में गिरफ्तार मुख्य शूटर साहिब गोरी को पुलिस वारदात वाली जगह पर लेकर जा रही थी, ताकि घटना को दोबारा समझा जा सके। इसी दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली। इसके बाद आरोपी और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान दो गोलियां चलीं, जिनमें से एक गोली पुलिस की सरकारी गाड़ी की छत में जा लगी। इसके बाद एक पुलिसकर्मी ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, तभी चली गोली आरोपी के पैर में लग गई।
गोली लगने के बाद आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस का कहना है कि ASI पर हमले के मामले को कम समय में सुलझा लिया गया है और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगा लिया गया है। मामले में पाकिस्तान में बैठे ISI एजेंट की भूमिका और आरोपियों के आपसी संपर्क को लेकर जांच अहम मानी जा रही है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।