अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव-2026 की सांस्कृतिक संध्याओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का इंतजार कर रहे स्थानीय और प्रदेशभर के कलाकारों के लिए अच्छी खबर है। उत्सव की सांस्कृतिक संध्याओं में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का चयन इस बार ऑडिशन के माध्यम से किया जाएगा। ऑडिशन 5 से 10 अक्तूबर तक देव सदन, कुल्लू में होंगे।
सभी ऑडिशन प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शुरू होंगे। कार्यवाहक उपायुक्त एवं उपाध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव समिति सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि 5, 6 और 7 अक्तूबर को जिला कुल्लू के कलाकारों के ऑडिशन लिए जाएंगे। इसके बाद 8 और 9 अक्तूबर को हिमाचल प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाले कलाकारों को ऑडिशन का अवसर मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि जो कलाकार निर्धारित दिन ऑडिशन में किसी कारण से शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें भी अवसर दिया जाएगा। ऐसे कलाकार 10 अक्तूबर को देव सदन में ऑडिशन दे सकेंगे। इस तरह कलाकारों के पास अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के लिए छह दिन का मौका रहेगा।
दशहरा 21 से 27 अक्तूबर तक
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव-2026 का आयोजन 21 से 27 अक्तूबर तक किया जाना है। जिला प्रशासन और दशहरा उत्सव समिति की ओर से उत्सव की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। सांस्कृतिक संध्याओं के लिए स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ स्टार और लाइव प्लेबैक सिंगर, बैंड, हास्य कलाकार, एक्रोबैटिक कलाकार और डांस ट्रूप्स को भी शामिल करने की तैयारी है।
प्रशासन की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों के लिए लाइव ऑर्केस्ट्रा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। आधिकारिक सूचना के अनुसार सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिंदी, पंजाबी और हिमाचली कलाकारों के लिए ऑर्केस्ट्रा की व्यवस्था की जाएगी।
ढालपुर में सजने लगा दशहरा का मंच
कुल्लू दशहरा केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। ढालपुर मैदान में लगने वाला दशहरा बाजार, प्रदर्शनी, फूड कोर्ट और विभिन्न गतिविधियां भी उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहती हैं। इस वर्ष दशहरा बाजार के लिए प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया 5 से 21 अक्तूबर तक चलेगी। उत्सव स्थल को आकर्षक बनाने के लिए मुख्य द्वार, सेल्फी प्वाइंट, कार्निवल स्ट्रीट, सजावट और सूचना पट्ट लगाने की भी तैयारी है।
प्रशासन ने संबंधित काम 18 अक्तूबर से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा है। कुल्लू दशहरा की पहचान यहां की सदियों पुरानी देव परंपरा और भगवान रघुनाथ जी की रथ यात्रा से है। कुल्लू घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से देवी-देवता अपने देवरथ और वाद्ययंत्रों के साथ ढालपुर पहुंचते हैं और भगवान रघुनाथ जी को श्रद्धा अर्पित करते हैं। इसके बाद उत्सव की प्रमुख धार्मिक परंपराएं आगे बढ़ती हैं। आधिकारिक कुल्लू दशहरा वेबसाइट के अनुसार रथ यात्रा के दौरान विभिन्न देवी-देवताओं की भागीदारी इस उत्सव की विशिष्ट पहचान है।
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इस बार डिजिटल रंग भी दिखेगा
दशहरा उत्सव को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए इस बार डिजिटल प्रसारण और सोशल मीडिया पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रशासन ने ढालपुर और अन्य प्रमुख स्थानों पर एलईडी वीडियो वॉल लगाने तथा लाइव टेलीकास्ट/सोशल मीडिया स्ट्रीमिंग की व्यवस्था के लिए भी निविदा जारी की है।
कलाकारों के लिए अहम तारीखें
- किसके ऑडिशन
5 अक्तूबर
जिला कुल्लू के कलाकार
- 6 अक्तूबर
जिला कुल्लू के कलाकार
- 7 अक्तूबर
जिला कुल्लू के कलाकार
- 8 अक्तूबर
हिमाचल के अन्य जिलों के कलाकार
- 9 अक्तूबर
हिमाचल के अन्य जिलों के कलाकार
- 10 अक्तूबर
निर्धारित तिथि पर छूटे कलाकार
- 21-27 अक्तूबर
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव