logo

मूड

ट्रेंडिंग:

बागपत में आग का तांडव, मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत; बचाने दौड़ा पिता भी झुलसा

UP के जिला बागपत में गुरुवार की सुबह मकान व दुकान में लगी आग से मां बेटी की जलकर मौत हो गई। बचाने में पिता भी गंभीर रूप से झुलस गया।

Fire brigade team

घटना स्थल पर मौजूद दमकल की टीम व अधिकारी, Photo Credit : Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर प्रदेश के जिला बागपत में गुरुवार सुबह एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। खेकड़ा कस्बे में दुकान और मकान में अचानक लगी आग देखते ही देखते विकराल हो गई। आग की लपटों और धुएं के बीच घर में फंसी 38 वर्षीय स्वाति जैन और उनकी छह साल की बेटी अनन्या जैन की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार को बचाने के लिए अंदर पहुंचे अंकुर जैन भी करीब 60 फीसदी झुलस गए। गंभीर हालत में उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली रेफर किया गया है। हादसे के दौरान दो गैस सिलेंडर फटने से जोरदार धमाके हुए, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

जानकारी के मुताबिक, खेकड़ा कस्बे में पुलिस चौकी के पास व्यापारी विनय जैन की दुकान और मकान है। गुरुवार सुबह अचानक दुकान में आग लग गई। शुरुआती जानकारी में दुकान में रखे पटाखों के कारण आग लगने की बात सामने आई है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में दुकान के साथ मकान भी इसकी चपेट में आ गया।देखते ही देखते पूरे घर में धुआं भर गया और आग की लपटें तेज हो गईं। उस समय मकान के अंदर स्वाति जैन और उनकी छह साल की बेटी अनन्या मौजूद थीं। दोनों आग की चपेट में आ गईं और बाहर नहीं निकल सकीं।

दो सिलेंडर फटने से मचा हड़कंप

आग के दौरान घर में रखे दो गैस सिलेंडर भी तेज धमाके के साथ फट गए। सिलेंडर फटने के बाद आग और भड़क गई। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और परिवार को बचाने का प्रयास शुरू किया।अंकुर जैन भी अपने परिवार को बचाने के लिए आग के बीच अंदर पहुंचे। इसी दौरान वह बुरी तरह झुलस गए। बताया गया है कि उनका करीब 60 फीसदी शरीर झुलसा है। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया।

 

यह भी पढ़ें: सिपाही भर्ती की दौड़ में 2 मौतें, मथुरा के अतुल और शामली के विवेक ने तोड़ा दम

मां-बेटी को अस्पताल ले गए, नहीं बच सकी जान

आग पर काबू पाने के बाद स्वाति और अनन्या को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। मां-बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। आग की भयावहता को देखकर आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में भी दहशत फैल गई।

 

जिस समय आग लगी, अंकुर जैन का आठ वर्षीय बेटा श्रेयस स्कूल गया हुआ था। वहीं अंकुर के पिता विनय जैन और मां मंदिर गए थे। इस वजह से वे हादसे के समय घर में मौजूद नहीं थे।अगर परिवार के ये सदस्य उस समय घर में मौजूद होते तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था। घटना के बाद परिजन सदमे में हैं।

दमकल की टीम ने संभाला मोर्चा

आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता और घर में फैले घने धुएं के कारण राहत और बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आईं। दमकलकर्मियों ने सुरक्षा उपकरणों के साथ मकान के अंदर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया।काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

 

यह भी पढ़ें: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ट्रक में घुसी तेज रफ्तार कार, 3 टेनिस खिलाड़ियों की मौत

आग की वजह की जांच शुरू

फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में दुकान में रखे पटाखों से आग शुरू होने की बात कही जा रही है। इसके बाद आग मकान तक पहुंची और गैस सिलेंडर फटने से हालात और भयावह हो गए।पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटा रही हैं। प्रशासन की ओर से भी आग लगने के कारणों और दुकान-मकान में सुरक्षा इंतजामों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।


और पढ़ें