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'पति नपुंसक था तो शादी से पहले बताती', थानेदार ने की पीड़िता संग बदतमीजी

यूपी के बाराबंकी जिले में महिला थाने पहुंची एक महिला ने थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाया है। महिला पर पुलिसकर्मी ने अभद्र टिपप्णी की है।

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बाराबंकी जिले का महिला थाना: Photo Credit: Social Media

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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पति-पत्नी के विवाद को सुलझाने के लिए महिला थाने पहुंची एक महिला ने महिला थानाध्यक्ष पर गंभीर और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि सुलह-समझौते के दौरान जब उसने अपने पति की कथित नपुंसकता और शादी के बाद सामने आई परेशानी की बात रखी, तो महिला थानाध्यक्ष रत्ना कुमारी ने उससे कथित तौर पर कहा कि अगर पति नपुंसक था तो शादी से पहले ही इसकी जांच कर लेनी चाहिए थी।

 

महिला ने आरोप लगाया कि थाने में उसे दूसरे पक्ष के सामने अपमानित किया गया और इस टिप्पणी से उसे मानसिक और भावनात्मक आघात पहुंचा। मामले में महिला ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय को लिखित शिकायत देकर महिला थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच सीओ सिटी संगम कुमार को सौंपी है।

 

महिला का आरोप है कि शादी के बाद वह करीब 8 दिन तक ससुराल में रही, लेकिन पति ने उसके साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाए। रूबीना के मुताबिक बाद में उसे पति की कथित नपुंसकता की जानकारी हुई। उसने पति से इलाज कराने के लिए कहा, लेकिन आरोप है कि पति ने इसे शर्म की बात बताते हुए इलाज कराने से इनकार कर दिया।

ससुराल वालों पर भी लगाए गंभीर आरोप

महिला ने आरोप लगाया कि विवाद बढ़ने के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उसने ननद, बहनोई , जेठ, जेठानी समेत अन्य ससुराल पक्ष के लोगों पर भी आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि पति की कथित समस्या उससे छिपाकर शादी कराई गई। इसके अलावा उसने शादी में दिए गए जेवर और दो लाख रुपये हड़पने का भी आरोप लगाया है।

 

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पहले देवा थाने में दी शिकायत

पीड़िता के अनुसार, उसने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ देवा थाने में शिकायत की थी। आरोप है कि पुलिस ने इसे पारिवारिक विवाद बताते हुए कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने मामले को सुलह-समझौते के जरिए सुलझाने का प्रयास किया। महिला ने बताया कि 9 जुलाई को उसने सीओ सिटी संगम कुमार को भी प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों को सुलह-समझौते के लिए 1 अगस्त को महिला थाने बुलाया गया।

सुलह के दौरान थानाध्यक्ष पर टिप्पणी का आरोप

महिला का आरोप है कि 1 अगस्त को महिला थाने में दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी। इसी दौरान महिला थानाध्यक्ष रत्ना कुमारी ने उसके पति की कथित नपुंसकता को लेकर उससे आपत्तिजनक टिप्पणी की।रूबीना का कहना है कि थानाध्यक्ष की इस कथित टिप्पणी से वह बेहद आहत हुई। उसने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान दूसरे पक्ष के लोगों को कुर्सी पर बैठाया गया, जबकि उसे खड़ा रखा गया।

 

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एसपी ने सीओ सिटी को सौंपी जांच

महिला ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने और महिला थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी संगम कुमार को सौंपी है।पुलिस जांच के बाद ही महिला थानाध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। 

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