मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक नाबालिग छात्रा के साथ रेप की वारदात सामने आई है। 11वीं की एक छात्रा के साथ-साथ 4 अलग-अलग कारों में रेप किया गया। इस मामले में धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग का भी एंगल सामने आया है। इस मामले की संजीदगी को देखते हुए पुलिस ने चार सदस्यों वाली एक विशेष जांच टीम (SIT) तैनात की है, जो इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करेगी।
इस पूरी घटना के पीछे दो मुख्य आरोपी हैं, ओसाफ अली खान (20 वर्ष) और उसका साथी मोहम्मद माज खान (23 वर्ष), जो एक जिम चलाता है। आरोपियों ने पहले छात्रा का भरोसा जीता और दोस्ती की। कुछ समय पहले ओसाफ छात्रा को खानूगांव इलाके में ले गया, जहां उसने पहली बार उसके साथ दुष्कर्म किया। हैरान करने वाली बात यह है कि उसका दोस्त माज बाहर खड़ा होकर आईफोन से इस पूरी वारदात का वीडियो बना रहा था।
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वीडियो के जरिए किया ब्लैकमेल
वारदात का वीडियो बनाने के बाद आरोपियों ने छात्रा को बुरी तरह डराना शुरू कर दिया। ओसाफ ने उस वीडियो को वायरल करने की धमकी दी और ब्लैकमेल करते हुए चार अलग-अलग लग्जरी कारों में छात्रा के साथ कई बार गैंगरेप किया। माज भी उसे अश्लील मैसेज भेजकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता रहा।
धर्म बदलने का दबाव
सिर्फ शारीरिक शोषण ही नहीं, आरोपियों ने छात्रा पर अपना धर्म बदलने और निकाह करने का भी भारी दबाव बनाया। जब छात्रा की सहनशक्ति जवाब दे गई, तब उसने 2 फरवरी को पुलिस के पास जाकर अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को पॉक्सो एक्ट, धर्म स्वतंत्रता कानून और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
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पुलिस की मिलीभगत
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ कि कोहेफिजा थाने के एक हेड कांस्टेबल, ज्ञानेंद्र द्विवेदी ने आरोपियों की मदद की थी। आरोप है कि उसने जांच के दौरान माज़ का साथ देने के लिए 50,000 रुपये की रिश्वत ली, जिसके बाद उसे तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।
SIT अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने किसी गिरोह के साथ मिलकर और भी लड़कियों को अपना शिकार बनाया है। साथ ही, पुलिस उन लग्जरी कारों के स्रोत का पता लगाने और राजस्थान में फेंके गए मोबाइल फोनों को बरामद करने की कोशिश कर रही है, ताकि केस के सबूतों को और मजबूत किया जा सके।