बिहार के मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी
ने नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान बिहार में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, लंबित रेल परियोजनाओं में तेजी लाने, यात्री सुविधाओं का विस्तार करने तथा सूचना प्रौद्योगिकी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। बैठक में कई प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति बनी तथा विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
दीपावली और छठ पर स्पेशल ट्रेन का अनुरोध
मुख्यमंत्री ने दीपावली एवं छठ महापर्व पर बिहार के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हर साल छठ और दीपावली पर बिहार आने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ जाती है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात, बेंगलुरु और अन्य शहरों से लाखों लोग अपने घर आते हैं। ऐसे में ट्रेनों में काफी भीड़ हो जाती है।
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लोगों को कन्फर्म टिकट नहीं मिलता। मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से कहा कि इस बार पहले से ही स्पेशल ट्रेनों का एलान किया जाए, ताकि लोगों को परेशानी न हो। रेल मंत्री ने इस पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार के लिए पर्याप्त स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
मढ़ौरा और मधेपुरा कारखानों पर हुई चर्चा
बैठक में बिहार के मढ़ौरा और मधेपुरा स्थित रेल इंजन निर्माण कारखानों के भविष्य और उत्पादन क्षमता के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस दौरान दोनों कारखानों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार विकसित करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मढ़ौरा और मधेपुरा बिहार के लिए गौरव हैं। इन कारखानों से न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश को इंजन मिल रहे हैं। इनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाए और यहां रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएं। रेल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इन कारखानों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
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लंबित रेल परियोजनाओं में तेजी लाने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बिहार की लंबित रेल परियोजनाओं में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई रेल लाइन, दोहरीकरण और विद्युतीकरण के काम लंबे समय से अटके हुए हैं। इन्हें जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने नए रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों के विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा की। बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में आईटी सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं। यहां के युवाओं में टैलेंट है। केंद्र सरकार बिहार में आईटी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे।
उन्होंने कहा कि बिहार में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंचाया जा रहा है। केंद्र के सहयोग से बिहार को आईटी हब बनाया जा सकता है। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के लिए केंद्र और राज्य को मिलकर काम करना होगा। रेल मंत्री ने भी बिहार के विकास में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।