logo

मूड

ट्रेंडिंग:

बिहार के 168 मेधावी छात्र सम्मानित, CM बोले- नौकरी लेने वाले नहीं, देने वाले बने

बिहार के इंटर और मैट्रिक के 168 टॉपर्स को सीएम सम्राट चौधरी ने सम्मानित किया। इस दौरान टॉपर्स को मेडल, सर्टिफिकेट और चेक दिए गए।

samrat choudhary

सम्राट चौधरी, Photo Credit- Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इंटरमीडिएट और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा-2026 के 168 टॉपर्स को सम्मानित किया। लोक सेवक आवास स्थित नेक संवाद सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को मेडल, सर्टिफिकेट और चेक दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी बिहार के उज्ज्वल भविष्य की पहचान हैं। राज्य को विकसित और समृद्ध बनाने में वे अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

 

समारोह की शुरुआत दीप जलाकर की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने टॉपर्स को सम्मानित किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद रहे।

 

यह भी पढ़ें: बिहार में ROB-RUB प्रोजेक्ट्स की बढ़ेगी रफ्तार, देरी पर होगी सख्त कार्रवाई

टॉपर्स को मिले लाखों रुपये

मुख्यमंत्री ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 में साइंस के टॉप 3 स्थान प्राप्त करने वाले आदित्य प्रकाश अमन, साक्षी कुमारी और सपना कुमारी, आर्ट्स के टॉप 4 निशु कुमारी, सिद्धि शिखा, चंद्रदीप कुमार और मो. लक्की अंसारी को सम्मानित किया। कॉमर्स की टॉप 2 अदिति कुमारी और माहि कुमारी, वोकेशनल कोर्स के 2 टॉपर प्रियांशु राज और अनिका उपाध्याय तथा मैट्रिक के टॉप 3 पुष्पांजलि कुमारी, साबरीन परवीन और नाहिद सुल्ताना को भी मंच पर सम्मानित किया गया। सभी को मेडल, सर्टिफिकेट और चेक दिया गया। बाकी 168 विद्यार्थियों को भी पुरस्कार दिया गया।

 

सरकार की ओर से इंटर और मैट्रिक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को 2 लाख, दूसरे स्थान वालों को 1.5 लाख और तीसरे स्थान वालों को 1 लाख रुपये दिए गए। इंटर में चौथे और पांचवें स्थान वालों को 30 हजार रुपये और मैट्रिक में चौथे से दसवें स्थान वालों को 20 हजार रुपये दिए गए। सभी पुरस्कृत विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए अलग से 51 हजार रुपये भी दिए गए। सम्मान मिलने के बाद छात्रों के चेहरे पर खुशी दिखी। अभिभावक भी गर्व महसूस कर रहे थे।

700 स्कूलों में मिलेगी बेहतर पढ़ाई

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 'आज का दिन विद्यार्थियों के साथ-साथ हमारे लिए भी खास है। आपको लोक सेवक आवास में बुलाकर सम्मानित किया जा रहा है।' उन्होंने सभी टॉपरों को बधाई दी और कहा कि यहां आए सभी 168 छात्र मेरे लिए टॉपर हैं। उन्होंने कहा, 'जब इस कार्यक्रम की समीक्षा की गई तो पता चला कि नवंबर-दिसंबर में टॉपर्स को सम्मानित किया जाता है। हमने अधिकारियों से कहा कि अच्छे नंबर लाने वाले विद्यार्थियों का सम्मान परीक्षा का रिजल्ट आने के तुरंत बाद होना चाहिए।'

 

अब अगले साल से टॉपर्स का सम्मान समारोह रिजल्ट जारी होने के एक महीने के अंदर आयोजित किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए समय पर सम्मान और प्रोत्साहन मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा, 'बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है। पुराने समय से ही बिहार ज्ञान और शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा है। विक्रमशिला और नालंदा विश्वविद्यालय इसी धरती से संचालित हुए हैं। नालंदा विश्वविद्यालय को वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर से स्थापित किया। विक्रमशिला विश्वविद्यालय को भी खोलने का रास्ता साफ हो गया है। 15 जुलाई को इसके लिए 200 एकड़ जमीन आवंटित कर दी गई है।'

 

उन्होंने कहा कि बिहार की पुरानी शैक्षणिक पहचान को आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई का माहौल देने के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और लाइव ट्यूटर जैसी सुविधाएं दी गई हैं। उन्होंने कहा, 'जो पूर्व छात्र अपने स्कूल और वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए योगदान देना चाहते हैं उनका स्वागत किया जाएगा और उन्हें इस काम से जोड़ा जाएगा।'

 

यह भी पढ़ें: बिहार में बाढ़ से फसल बर्बाद, किसानों को मिलेगा मुआवजा, मंत्री ने दिए निर्देश

छात्रों से मांगे गए सुझाव

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प विकसित भारत है और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संकल्प समृद्ध बिहार है। इस संकल्प को हम सभी को मिलकर पूरा करना है। बिहार बदल रहा है और लगातार आगे बढ़ रहा है। इस विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें।' राज्य में अब तक 1,000 उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। औद्योगिक विकास के साथ युवाओं के लिए रोजगार और अपना काम शुरू करने के नए मौके तैयार किए जा रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पुराने शैक्षणिक केंद्रों की विरासत को आधुनिक रूप में आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रयास बिहार को फिर से ज्ञान और शिक्षा का बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा, 'विद्यार्थी और युवा अपनी प्रतिभा और ज्ञान का इस्तेमाल बिहार के विकास के लिए करें। बिहार को मजबूत, विकसित और समृद्ध बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि को बेहतर बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। जो लोग बिहार के बाहर रहकर अच्छा काम कर रहे हैं उनसे भी अपील है कि वे अपनी कर्मभूमि के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि को भी बेहतर बनाने में योगदान दें।' 

 

विद्यार्थियों को जरूरी मदद और सलाह देने के लिए सहयोग पोर्टल भी चलाया जा रहा है। इसमें विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के साथ उनके सुझाव देने की सुविधा भी है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'विकसित और समृद्ध बिहार बनाने के लिए विद्यार्थी और युवा अपने सुझाव भी दें।'


और पढ़ें