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'हम मदद करेंगे...', नाव लेकर बिहार बाढ़ में उतर पड़े शिवराज और CM सम्राट

बिहार में सीएम सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। दोनों नेताओं ने नाव और ट्रैक्टर से गांवों में पहुंचकर लोगों और किसानों की परेशानियां सुनीं।

samrat choudhary and shivraj singh chouhan

सम्राट चौधरी और शिवराज सिंह चौहान, Photo Credit- Social Media

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बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच सरकार राहत और मदद के काम में जुटी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण और स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों नेताओं ने पहले हेलिकॉप्टर से पटना के मनेर और सारण के दिघवारा इलाके में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद वे वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड पहुंचे जहां तेरसिया पंचायत के तेरसिया और सरायपुर गांव में नाव और ट्रैक्टर से पहुंचकर बाढ़ के हालात देखे।

 

दोनों नेताओं ने पानी में डूबे घरों, खेतों और सड़कों का जायजा लिया और फसल को हुए नुकसान की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने गांव के लोगों से सीधे बात कर उनकी परेशानियां सुनीं। ग्रामीणों ने बाढ़ से होने वाली दिक्कतों और फसल के नुकसान की जानकारी दी।

 

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नाव और ट्रैक्टर से गांव पहुंचे नेता

जब सीएम और केंद्रीय मंत्री गांव पहुंचे तो चारों तरफ पानी ही पानी था। कई घर आधे से ज्यादा डूबे हुए थे। खेतों में लगी केले और मक्के की फसल पूरी तरह खराब हो चुकी थी। दोनों नेता पहले नाव पर सवार होकर गांव के अंदर गए। इसके बाद जहां पानी कम था वहां ट्रैक्टर पर बैठकर लोगों के बीच पहुंचे। गांव के लोगों ने दोनों नेताओं को अपनी परेशानियां बताईं। लोगों ने कहा, 'हर साल बाढ़ आती है और सड़क नीची होने के कारण पानी गांव में घुस जाता है।' लोगों ने सड़क को ऊंचा करने और नई सड़क बनाने की मांग की। कई किसानों ने बताया कि उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग की। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने कई लोगों से आवेदन भी लिए और मौके पर ही अधिकारियों को उनकी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।

 

निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'इस बार बिहार में 2016 से भी बड़ी बाढ़ आई है। इस इलाके में 2016 के मुकाबले एक फीट ज्यादा पानी आया है। केले और मक्के की फसल पूरी तरह डूब गई है। पूरे बिहार में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और कई लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। बाढ़ से फसल, मकान और पशुओं को भी नुकसान हुआ है।'

 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार राहत के काम में लगी है। सरकार ने हर प्रभावित परिवार को 7 हजार रुपये की तत्काल सहायता देना शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर वे खुद बिहार आए हैं।' भारत सरकार के कृषि और ग्रामीण विकास विभाग की टीम भी नुकसान का आकलन कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस संकट में बिहार के साथ खड़ी है और हर संभव मदद करेगी। जल्द ही एक और केंद्रीय टीम आएगी जो पूरे नुकसान का आकलन करेगी।

 

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पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा

मुख्यमंत्री ने कहा, 'बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। राज्य सरकार ने 7 हजार रुपये की अंतरिम सहायता राशि जारी कर दी है। विस्तृत आकलन के बाद किसानों और अन्य प्रभावित लोगों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा।' मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री और केंद्रीय टीम को भी धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मुंगेर और भागलपुर का भी दौरा किया जाएगा। इसके बाद समीक्षा बैठक में राहत कार्यों पर चर्चा की जाएगी।'

 

मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चे विशाल कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। विशाल ने बाढ़ के दौरान साहस दिखाते हुए अपने गांव के 4 लोगों की जान बचाई थी। सीएम ने उसकी बहादुरी की तारीफ की और कहा, ऐसे बच्चे समाज के लिए प्रेरणा हैं।' अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं। आने-जाने के लिए नाव चलाई जा रही है और जरूरी दवाएं भी पहुंचाई जा रही हैं। इस दौरान विधायक अवधेश सिंह, पूर्व विधायक सतीश कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह समेत कई वरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


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