बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में 'प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान 2026' समारोह में शिक्षा व्यवस्था पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में वास्तविक बदलाव पर तब विचार किया जाएगा, जब अभिभावक अपने बच्चों का नाम प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कलों से कटवाकर अपनी इच्छा से सरकारी स्कलों में शामिल कराएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण या स्कूलों की संख्या की कमी है, बल्कि सरकारी स्कूलों के विवरण, संसाधन और हिस्सेदारी के स्तर को इतना मजबूत बनाना है कि वे समाज की पहली पसंद बन जाएं।
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार को सिर्फ गृह जिला ही नहीं, बल्कि गृह खंड और गृह पंचायत के स्तर पर पद रिक्त करने की संभावना पर विचार कर रही है। उन्होंने साफ किया कि इस व्यवस्था के उद्देश्य को लेकर सुविधा तो है लेकिन पढ़ाई की गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार की सहमति नहीं होगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शिक्षक जहां भी रहेंगे, उन्हें पढ़ना ही होगा, क्योंकि शिक्षा की गुणवत्ता सबसे ऊपर है।
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जुलाई से खुलेंगे आधुनिक मॉडल स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सपना था कि बिहार में आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल स्कूल की स्थापना की जाए। इसी योजना के तहत राज्य में मॉडल स्कूलों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है और जुलाई से इसका संचालन शुरू होने की उम्मीद है। इन विद्वानों में आधुनिक शिक्षण संसाधन, बेहतर संरचनात्मक संरचनाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के छात्रों को समान अवसर मिल सके।
हर हिस्से में होंगे डिग्री कॉलेज
उच्च शिक्षा के विस्तार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन खंडों में अभी तक डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां नये कॉलेज स्थापित किये जायेंगे। सरकारी स्कूल, सुपरमार्केट और सुपरमार्केट की नियमित समीक्षा कर रही है ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अपने क्षेत्र से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने बिहार की गौरवशाली आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय के छात्रावास और विक्रमशिला विश्वविद्यालय पूरी दुनिया में ज्ञान के सबसे बड़े केंद्र माने जाते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयास से छात्रावास विश्वविद्यालय का पुनर्निर्माण संभव है जबकि अब विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्निर्माण को लेकर भी गंभीर पहल की जा रही है।
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युवाओं को संदेश
समारोह में विभिन्न आबादकार और आबादकार के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने छात्रों को बिहार का भविष्य बताते हुए बड़े सपने दिखाए और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है लेकिन असली सफलता तब होगी जब सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता ऐसी होगी कि लोग बिना किसी आर्द्र के अपने बच्चों को वहां पढ़ना पसंद करेंगे।