शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया एक बार फिर से पंजाब पुलिस के निशाने पर हैं। लगभग 7 महीने जेल में रहे बिक्रम सिंह मजीठिया फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। अब उन पर आरोप है कि वह एक भीड़ का हिस्सा बनकर आए, थाने पर हमला किया और एक आरोपी को छुड़ाकर ले गए। इसी केस में पंजाब की पुलिस अब बिक्रम सिंह मजीठिया के घर छापा मारने पहुंची है। कहा जा रहा है कि इस केस में बिक्रम सिंह मजीठिया को गिरफ्तार किया जा सकता है। यह हमला अमृतसर के मजीठा थाने पर 30 मई को हुआ था और एक आरोपी जोबनप्रीत को छुड़ा लिया गया था।
पंजाब की सरकार में मंत्री रहे बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ पहले से कई मुकदमे चल रहे हैं। अब अमृतसर समेत कई अन्य ठिकानों पर पंजाब पुलिस मजीठिया की तलाश में छापेमारी कर रही है। फिलहाल, बिक्रम सिंह मजीठिया की ओर से इस पर कोई बयान नहीं आया है। बताया गया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कुल 12 टीमें बनाई गई हैं।
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क्या बोली पुलिस?
इस घटना पर बयान जारी करते हुए अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी सोहेल मीर ने कहा, 'यह पुलिस थाना मजीठा का मुकदमा नंबर 90 है जो हमने 30 मई 2026 को दर्ज किया था। कल सुबह हमने जोबनप्रीत नाम का एक मुलजिम पकड़ा था। औपचारिक रूप से गिरफ्तारी करके हमने उसे पुलिस थाने में रखा था। उससे पूछताछ चल ही रही थी कि थाने के बाहर रात के 11:30 बजे भारी भीड़ इकट्ठा हो गई जो उसे छुड़ाने आई थी। पहले से तय साजिश के तहत और अवैध तरीके से ये लोग थाने में घुसते हैं और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को धमकाते हैं। इन लोगों ने एक-एक कमरे की जांच-पड़ताल की।'
उन्होंने आगे बताया, 'एसएचओ और डीएसपी वहां पहुंचे लेकिन ये लोग आरोपी जोबनप्रीत को छुड़ाकर ले जाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के चलते जोबनप्रीत को हमने कस्टडी में बरकरार रखा। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हमने एफआईआर नंबर 91 दर्ज की है और कई जगहों पर छापेमारी चल रही है। इस केस में 6 लोग नामजद हैं और बाकी लोगों की पहचान की जा रही है। इसमें बिक्रम सिंह मजीठिया भी शामिल थे।'
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हरसिमरत कौर बादल ने किया बचाव
अपने भाई के बारे में अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा है, 'जिसका सिर फोड़ दिया, जिसने सिर फोड़ा, उसे तो मजीठा का हल्का इंचार्ज थाने से निकालकर ले गया, उसके खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं। जिसको इललीगल कन्फाइनमेंट में SHO के घर में रखा था, बिना पर्चा और बिना एफआईआर के, उसे छुड़ाया तो मजीठिया के खिलाफ एफआईआर हो रही है। रात में उसका एनकाउंटर हो जाना था। मजीठिया से इतना डरता क्यों है मुख्यमंत्री?'
उन्होंने पुलिस का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा, 'अपना ईगो सैटिस्फाई करने के लिए सरकार कह रही है कि इसको उठा लो, उसको उठा लो। बिक्रम ने गलत क्या किया है? किसी को अवैध हिरासत से ही तो निकाला है, जिसका रात को एनकाउंटर करना था। पर्चा तो उन लोगों के खिलाफ दर्ज होना चाहिए, जिन्होंने ऐसा किया।'
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इससे पहले आय से अधिक संपत्ति के मामले में बिक्रम मजीठिया को 25 जून 2025 को पंजाब के विजिलेंस डिपार्टमेंट ने गिरफ्तार कर लिया था। इस केस में वह लगभग 7 महीने जेल में रहे थे और फरवरी 2026 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी।