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दिल्ली में SIR के बाद आपको भी मिला नोटिस? अब BLO घर आकर मांगेंगे कागज

दिल्ली में हुए SIR के बाद नोटिस पाने वाले लाखों मतदाताओं के लिए एक अच्छी खबर है। चुनाव आयोग ने कहा है कि अब BLO ही ऐसे वोटर्स के घर जाकर कागज इकट्ठा करेंगे।

blos visiting voters house in delhi

प्रतीकात्मक तस्वीर, File Photo Credit: PTI

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दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR ) के बाद लाखों लोगों को नोटिस भेजा गया है। इन लोगों को दस्तावेज जमा कराने को कहा गया था। अब चुनाव आयोग ने कहा है कि नोटिस पाने वाले लोगों को अधिकारियों के पास जाने की जरूरत नहीं है। अब चुनाव आयोग ने कहा है कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर ऐसे लोगों के कागज इकट्ठा करेंगे। इस तरह के लोगों के दावों पर 30 नवंबर 2026 तक सुनवाई की जाएगी और फिर 4 दिसंबर को आखिरी वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।  

 

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों को 'Unmapped' और 'Logical Discrepancies' नाम के कारणों के चलते नोटिस आया है, उन्हें ERO/AERO के दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है। उनके घर BLO आएंगे और उन्हें ही वे अपने कागज सौंप सकते हैं। कुछ खास परिस्थितियों में ही ERO सुनवाई कर सकते हैं और यह सुनवाई भी ज्यादातर मामलों में ऑनलाइन ही होगी। यह भी कहा गया है कि मतदाता अपने घर के किसी भी वयस्क शख्स को सुनवाई के लिए भेज सकता है। 

 

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कब तक होगी सुनवाई?

लोगों से चुनाव आयोग ने अपील की है कि जब भी BLO उनके घर आएं तो वे अपने दावे के समर्थन में कागज तैयार रखें और BLO को दे दें। बताया गया है कि यह प्रक्रिया 30 अक्तूबर तक चलेगी। यानी 30 अक्तूबर तक आप BLO को अपने कागज दे सकते हैं। 30 नवंबर तक आपके दिए हुए कागज के आधार पर आपके दावे की जांच की जाएगी। अगर दावा सही हुआ तो अपने आप आपका नाम लिस्ट में पुष्ट हो जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तभी सुनवाई होगी। अंत में 4 दिसंबर 2026 को अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित कर दी जाएगी।

चुनाव आयोग की ओर से बताया गया है युवा मतदाताओं का नाम लिस्ट में शामिल करने के लिए यूनिवर्सिटी और कॉलेज में स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे। बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग ने यही कहा था कि जिन लोगों को नोटिस भेजे गए हैं उनके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे जहां जाकर वे अपने कागज दे सकते हैं। हालांकि, अब लगता है कि ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा होने के चलते कैंप वाला प्लान हटाकर यह जिम्मेदारी BLO को ही सौंप दी गई है। 

 

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क्यों जारी हुए नोटिस?

बता दें कि दिल्ली में SIR के बाद आई डाफ्ट लिस्ट के बाद लाखों लोगों के नाम तो पहले ही कट गए हैं। जिन लोगों के नाम लिस्ट में शामिल हैं उनमें से भी 33 लाख से ज्यादा वोटर्स को नोटिस भेजे गए हैं। जब इनको लेकर सवाल उठने लगे तो अब चुनाव आयोग ने घर-घर BLO भेजने का फैसला लिया है।


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