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'अपने बच्चों को एक्सपायर खाना खिलाते हैं?', स्कूल का हाल देख भड़के अभिजीत दीपके

महाराष्ट्र में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्कूल ठीक करो अभियान के तहत हिंगोली के गांवों का दौरा किया। उन्होंने जर्जर स्कूलों, मिड-डे मील और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए।

CJP Founder Abhijeet Dipke visit Hingoli schools

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके, Photo Credit: abhijeet_dipke/X

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महाराष्ट्र में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर स्कूल ठीक करो अभियान चला रहे हैं। इसी के तहत उन्होंने हिंगोली जिले के कई गांवों का दौरा कर स्कूलों की व्यवस्था और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों की जर्जर इमारों, मिड-डे मील की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठाए।

 

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि कुछ स्कूलों में मिड-डे मील के लिए रखी खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट छह-सात महीने पहले ही निकल चुकी थी। उन्होंने कहा, 'मैं मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों से पूछना चाहता हूं कि क्या वे अपने बच्चों को भी एक्सपायर्ड खाना खिलाते हैं?' उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसा भोजन मिलना गंभीर चिंता का विषय है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

 

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अभिजीत दीपके ने लगाए गंभीर आरोप

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि कई सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए पीने का पानी और इस्तेमाल करने लायक शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं। कई जगहों पर बच्चों के बैठने के लिए बेंच नहीं हैं और पर्याप्त संख्या में शिक्षक भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी स्कूलों में बच्चों को आज भी जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है तो व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर स्कूल और सुविधाएं मिलेंगी तभी वे आगे बढ़ सकेंगे। दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक दल बच्चों की जरूरतों के बजाय सत्ता हासिल करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

 

दीपके ने हिंगोली के कडोली गांव में एक स्कूल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने दावा किया कि स्कूल की इमारत 1950 में बनाई गई थी और उसके बाद से भवन में कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने स्कूलों की हालत सुधारने के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की।

 

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महाराष्ट्र के बाद देशभर में अभियान की तैयारी

अभिजीत दीपके ने 15 अगस्त को अपने पैतृक गांव संतुक पिपरी से 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने लोहगांव, करंजल, जामदया, जांभ्रुण और खिल्लार समेत कई इलाकों के स्कूलों का दौरा किया। दीपके का कहना है कि अभियान को महाराष्ट्र के दूसरे तालुकों तक ले जाया जाएगा और बाद में इसे देशभर में सामाजिक ऑडिट के रूप में चलाने की योजना है।


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