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 सम्राट ने पूर्वांचल की विभूतियों को दिया पुरस्कार, बोले- 'माटी का फर्ज निभाया'

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्वांचल के उन लोगों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया, जिन्होंने कला, साहित्य, शिक्षा और पूर्वांचल की सांस्कृतिक विरासत में शानदार योगदान दिया।

CM Samrat

सम्राट चौधरी और मालिनी अवस्थी, Photo Credit- Social Media

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित 9वें माटी-पूर्वांचल महोत्सव में शिरकत की थी। इस दौरान उन्होंने पूर्वांचल क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि माटी महोत्सव के माध्यम से बिहार के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम होना चाहिए। साथ ही  सम्राट ने बताया कि लोगों को माटी का फर्ज निभाना होगा, माटी का कर्ज लौटाना होगा, इस पर हम सबको सोचना होगा। सम्राट ने कहा कि 9वें माटी-पूर्वांचल महोत्सव में शामिल होना उनके लिए गौरव की बात है। बिहार का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। बिहार में बज्जिका, मगही, मैथिली, भोजपुरी और अंगिका जैसी भाषाएं बोली जाती हैं, जो राज्य की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की धरती ने देश और दुनिया को अनेक महान व्यक्तित्व दिए हैं। श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मभूमि, भगवान महावीर की कर्मभूमि और भगवान बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति से जुड़ी यह धरती अपनी समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा के लिए जानी जाती है। मोहनदास करमचंद गांधी जी को महात्मा की उपाधि भी बिहार की धरती से ही मिली। चंपारण सत्याग्रह से ही वे महात्मा बने। उन्होंने कहा कि नालंदा जाकर देखें तो हजारों साल पहले बिहार की शिक्षा और ज्ञान की समृद्ध परंपरा का प्रमाण मिलता है। नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल था। बिहार की संस्कृति और ज्ञान परंपरा कितनी व्यवस्थित और समृद्ध रही है, इसका अंदाजा नालंदा के गौरवशाली इतिहास से लगाया जा सकता है।

 

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बिहार और UP की विरासत

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वे पूर्वांचल को बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों के संदर्भ में देखते हैं। पूर्वांचल बिहार और उत्तर प्रदेश की साझा सांस्कृतिक विरासत है। बिहार और उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी है। दोनों राज्य मिलकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों राज्यों की साझा सांस्कृतिक विरासत और मानवीय संसाधन देश को विकसित भारत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को साकार करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

 

किन लोगों को मिला सम्मान?

मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 8 विभूतियों को माटी सम्मान से सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में CM Samrat पूर्व क्रिकेटर सैयद सबा करीम, आज तक की सीनियर मैनेजिंग एडिटर श्वेता सिंह, बैंक ऑफ बड़ौदा के एमडी बृजेश कुमार सिंह, पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अरुण कुमार सिंह, पटना के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन, देहात संस्था के संस्थापक एवं सीईओ शशांक कुमार तथा भारतीय फुटबॉल टीम की कोच एवं उप कप्तान मधु कुमारी शामिल हैं।

 

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सभी सम्मानित हस्तियों ने बिहार और पूर्वांचल से अपने जुड़ाव को शेयर किया। इसके साथ माटी संस्था के इस प्रयास के लिए आभार जताया। कार्यक्रम में आयोजकों ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम को कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, सांसद एवं माटी संस्था के संरक्षक जगदंबिका पाल, माटी संस्था के संयोजक आसिफ आजमी तथा माटी संस्था से जुड़े दानिश इकबाल ने भी संबोधित किया l

माटी संस्था के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री ने कहा कि माटी संस्था पूर्वांचल के लोगों, उनकी कला, संस्कृति और प्रतिभाओं को मंच देने का सराहनीय कार्य कर रही है। महोत्सव में पूर्वांचल का खान-पान, लोकगीत-संगीत, मिलना-मिलाना, परिचर्चा और माटी सम्मान जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता को सामने लाते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल की समृद्ध संस्कृति और प्रतिभाओं को सम्मान देने का यह सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है और अपनी माटी के प्रति गर्व महसूस करती है।

 


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