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शानन प्रोजेक्ट से मुफ्त बिजली तक, CM सुक्खू ने केंद्र के सामने रखीं 7 मांगें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने राज्य के लिए 7 मांगें रखीं

CM sukhvinder singh sukhu meets manohar lal khattar

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की, Photo Credit: SukhuSukhvinder/X

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हिमाचल प्रदेश ने अपने बिजली अधिकारों और लंबे समय से लंबित ऊर्जा मामलों को लेकर केंद्र सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुफ्त बिजली के हिस्से, जलविद्युत परियोजनाओं को हिमाचल को सौंपने और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की खाली जमीन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने इन मामलों का जल्द समाधान करने का आग्रह किया।

 

मुख्यमंत्री ने हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स से मिलने वाली फ्री बिजली के बदले हिमाचल प्रदेश को रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट (RECs) देने का मुद्दा खास तौर पर उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य को फ्री बिजली के अपने हिस्से से सही फाइनेंशियल फायदा मिलना चाहिए और केंद्र सरकार को इस बारे में जरूरी सफाई और समाधान देना चाहिए।

 

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बैठक में शानन हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को हिमाचल प्रदेश को ट्रांसफर करने का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य के अधिकारों और हितों को ध्यान में रखते हुए जरूरी कार्रवाई की मांग की। यह मामला अभी कोर्ट में पेंडिंग है। इसके अलावा, 180 MW बैरा स्यूल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को 40 साल का समय पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश को ट्रांसफर करने की मांग की गई। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि इसके लिए जरूरी प्रोसेस जल्द शुरू किया जाए।

पुरानी परियोजनाओं पर 1% अतिरिक्त मुफ्त बिजली की मांग

मुख्यमंत्री सुक्खू ने 2008 की हाइड्रोपावर पॉलिसी लागू होने से पहले शुरू हुए सेंट्रल सेक्टर प्रोजेक्ट्स के लिए पोस्ट-प्रोजेक्ट लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड के तौर पर एक प्रतिशत और फ्री बिजली देने की अपनी मांग दोहराई। सरकार का अनुमान है कि इस व्यवस्था से हिमाचल प्रदेश को सालाना लगभग 29.34 करोड़ रुपये का फायदा हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रोजेक्ट से प्रभावित इलाकों में विकास के काम में तेजी आएगी और स्थानीय लोगों को सीधा फायदा होगा।

 

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BBMB की खाली जमीन हिमाचल को देने की मांग

मुख्यमंत्री ने BBMB के पास पड़ी ऐसी जमीन को हिमाचल सरकार को देने का मुद्दा भी उठाया, जिसका फिलहाल कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस जमीन का इस्तेमाल सरकारी दफ्तर बनाने के साथ-साथ परियोजनाओं से विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास और उन्हें जमीन देने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सतलुज जल विद्युत निगम (SJVN) के बोर्ड में हिमाचल की ओर से दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की भी मांग की।

CM सुक्खू ने हाइड्रोपावर को हिमाचल के लिए बताया खास

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हाइड्रोपावर हिमाचल की इकॉनमी, एनर्जी सिक्योरिटी और लोकल डेवलपमेंट का एक अहम हिस्सा है। इसलिए, राज्य के बिजली हितों से जुड़े पेंडिंग मामलों का जल्द हल डेवलपमेंट के लिए बहुत जरूरी है। केंद्रीय एनर्जी मिनिस्टर मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि वे मुख्यमंत्री के उठाए गए सभी मामलों पर पॉजिटिव तरीके से विचार करेंगे। इस बैठक में चीफ सेक्रेटरी कमलेश कुमार पंत, मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल एडवाइजर राम सुभग सिंह, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (फाइनेंस) देवेश कुमार और मुख्यमंत्री के सेक्रेटरी राकेश कंवर भी मौजूद थे।


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