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मां ही नहीं, बाप को भी आयुषि ने ठिकाने लगाया? कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

सरकारी नौकरी और संपत्ति के लालच में बेटी ने पिता को अस्पताल से गायब कर उनकी मौत की साजिश रची और बाद में मां की हत्या करवा दी। इस मामले में पुलिस ने बेटी समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

Ayushi Sharma

आयुषी शर्मा, Photo Credit: Social Media

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राजस्थान के जयपुर में 23 साल की आयुषी शर्मा ने सरकारी नौकरी और संपत्ति पाने के लिए अपने बीमार पिता विजय शर्मा को अस्पताल से जबरदस्ती निकाल लिया था जिसके बाद उनकी मौत हो गई। इसके बाद उसने अपनी मां नीरज शर्मा की भी सुपारी देकर हत्या करवा दी। परिवार के आरोपों और पुलिस की जांच से इस साजिश का खुलासा हुआ है जिसमें आयुषी ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर पूरी प्लानिंग की थी।

 

प्रताप नगर इलाके में नीरज शर्मा 3 जुलाई की शाम को अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर घर वापस आ रही थीं। उसी समय एक तेज रफ्तार एसयूवी गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस की जांच में पता चला कि यह कोई सड़क हादसा नहीं था बल्कि जानबूझकर की गई हत्या थी। पुलिस का कहना है कि आयुषी ने अपने चाचा और चचेरे भाई के साथ मिलकर 7 लाख रुपये में कुछ कॉन्ट्रैक्ट किलर को बुलाया था। आयुषी चाहती थी कि अपनी मां की मौत के बाद उसे मां की सरकारी नौकरी मिल जाए और वह घर की पूरी संपत्ति की मालकिन बन जाए। पुलिस ने इस मामले में अभी तक 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

 

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परिवार के आरोप

नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा ने आयुषी पर एक और बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर अपने पिता विजय शर्मा की मौत में भी गड़बड़ की थी। विजय शर्मा एक सरकारी कर्मचारी थे यानी लोअर डिवीजन क्लर्क थे। उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था और उनका इलाज चल रहा था। वह धीरे-धीरे ठीक भी हो रहे थे। तभी आयुषी और बलराम ने उन्हें अस्पताल से जबरदस्ती छुड़ा लिया और किसी अनजान जगह पर ले जाकर छिपा दिया। कई हफ्तों तक परिवार के किसी भी सदस्य को उनसे मिलने नहीं दिया गया। उनसे बार-बार यह झूठ बोला गया कि विजय अभी आईसीयू में हैं। बाद में जब उन्हें घर लाया गया तो कुछ दिनों में उनकी मौत हो गई।

नौकरी का लालच

परिवार के लोगों का कहना है कि इस पूरी घटना के पीछे सिर्फ पैसों और सरकारी नौकरी का लालच था। बलराम बेरोजगार था और उसे विजय शर्मा ने ही पढ़ाया लिखाया था। राकेश का कहना है कि बलराम ने यह प्लान बनाया था कि विजय की मौत के बाद आयुषी को पिता की जगह सरकारी नौकरी मिल जाएगी और वह घर की मालिक बन जाएगी। जब विजय की मौत के बाद नीरज ने वह नौकरी खुद ले ली तो घर में झगड़ा बढ़ गया। इसी के बाद आयुषी ने अपनी मां को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

 

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पुलिस की जांच

पुलिस अभी भी बलराम को ढूंढ रही है जो इस मामले के सामने आने के बाद से ही भागा हुआ है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आयुषी ने यह पूरी साजिश बहुत ही चालाकी से बनाई थी और उसे अपनी मां की मौत का कोई पछतावा नहीं है। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या पिता की मौत के पीछे भी आयुषी का हाथ था। परिवार ने पुलिस से मांग की है कि दोनों मौतों की ठीक से जांच की जाए। वे यह भी पता लगाना चाहते हैं कि क्या घर से चोरी हुए पैसे और गहनों का इस्तेमाल सुपारी किलर को देने के लिए किया गया था।


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