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देहरादून: 10 महीने तक बहू को टॉयलेट में रखा बंद, ससुराल पर केस दर्ज

उत्तराखंड के देहरादून में महिला को पति और ससुराल वालों ने 10 महीने तक टॉयलेट में कैद रखा। उसे नाममात्र खाना-पानी दिया गया। अब ससुराल केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

representative image victim woman

प्रतीकात्मक तस्वीर। (Chatgpt Generated Image)

उत्तराखंड के देहरादून जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, महिला को करीब 10 महीने तक घर के शौचालय में बंद रखा गया, पर्याप्त भोजन नहीं दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, उसे अपने नवजात जुड़वां बच्चों से मिलने तक की अनुमति नहीं दी गई।

 

मामला सेलाकुई क्षेत्र की भाउवाला सैनिक कॉलोनी का है। पीड़िता साक्षी को उसके माता-पिता ने ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से 30 मई को ससुराल से बाहर निकाला। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू की गई।

 

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माता-पिता ने पहुंचकर बेटी को बाहर निकाला

पीड़िता के पिता संजीव बहुगुणा की शिकायत पर सेलाकुई थाने में साक्षी के पति राहुल खंडूरी, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, फरवरी 2025 में जुड़वां बच्चों के जन्म के कुछ समय बाद से ही साक्षी के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार शुरू हो गया था। आरोप है कि 1 जुलाई 2025 से उसे घर में एक शौचालय में बंद रखा जाने लगा। परिवार के लोगों को उससे मिलने या फोन पर बात करने की भी अनुमति नहीं दी जाती थी।

भोजन कम दिया, बच्चों से भी रखा दूर

शिकायत के अनुसार, साक्षी को नाममात्र का भोजन दिया जाता था। आरोप है कि उसे अक्सर कच्चे चावल, प्याज, नमक और हरी मिर्च देकर छोड़ दिया जाता था। परिजनों का कहना है कि बच्चों के जन्म के बाद साक्षी को उनसे अलग कर दिया गया था। उसे बच्चों को गोद में लेने या उनके पास जाने की भी इजाजत नहीं थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसके साथ लगातार मारपीट की जाती थी।

 

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पुलिस ने शुरू की जांच

परिजनों का आरोप है कि महिला के शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। उनका कहना है कि ससुराल पक्ष ने 10 महीने तक उन्हें गुमराह किया और बेटी से मिलने नहीं दिया। जब साक्षी को बाहर निकाला गया तो वह काफी परेशान और मानसिक रूप से अस्थिर दिखाई दे रही थी। परिजनों के अनुसार, उसे दिन, तारीख और महीना तक याद नहीं था।

 

मामले की जांच अधिकारी शशि राणा ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता के बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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