राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने अहम फैसला लिया है, जिसके मुताबिक BS-6 मानकों से कम वाली कमर्शियल गाड़ियों पर 1 नवंबर से प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह नियम 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। इस नियम की वजह से दिल्ली-एनसीआर के लगभग 12 लाख गाड़ी चालकों को अपनी गाड़ियां नहीं चलानी पड़ सकती हैं। BS-6 मानक वाली गाड़ियों में कार्बन उत्सर्जन कम होता है। इसी वजह से BS-6 से कम मानकों वाली गाड़ियों, जैसे बीएस-4 की गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
दिल्ली में ठंड के मौसम में अक्सर वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। इसे रोकने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। इसी वजह से 1 नवंबर से BS-6 मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में 1 नवंबर से लेकर 28 फरवरी तक सरकारी और प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम से काम करने के लिए कहा जाएगा।
यह भी पढ़ें: पंजाब के अमृतसर में सरेआम मारी गोली, एक युवक की मौत
2020 से पहले की गाड़ियों पर लगेगी रोक
2020 से पहले लॉन्च हुई कई गाड़ियां BS-6 मानकों वाली नहीं थीं। उस समय बीएस-4 मानकों वाली गाड़ियां मिलती थीं, जो BS-6 की तुलना में ज्यादा प्रदूषणकारी उत्सर्जन कर सकती हैं। इससे प्रदूषण बढ़ सकता है। इसी वजह से बीएस-4 मानकों वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है।
NCR की गाड़ियों पर लगेगी रोक
इस नियम के मुताबिक, फरीदाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे दिल्ली के आसपास के शहरों से आने वाली गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह रोक सिर्फ उन गाड़ियों पर होगी, जो BS-6 मानकों से कम हैं।
यह भी पढ़ें: चलती ट्रेन से लापता हुआ युवक, पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी; अब तक नहीं मिला सुराग
आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में हर दिन गुरुग्राम और फरीदाबाद से 2 लाख गाड़ियां आती हैं, जिनमें से लगभग 70 फीसदी BS-6 मानकों से कम हैं। इस प्रतिबंध से जहां एक तरफ दिल्ली और एनसीआर के कई लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है।