logo

मूड

ट्रेंडिंग:

जिसके लिए लड़ रहे थे शिवसेना-NCP, उस मुद्दे को फडणवीस ने कैसे सुलझा लिया?

सीएम फडणवीस ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना और सुनेत्रा पवार की एनसीपी के बीच रायगढ़ और नासिक जिलों के लिए गार्डियन मिनिस्टर पदों को लेकर विवाद सुलझा लिया है।

Devendra fadnavis resolves shivsena ncp tussle over raigad guardian minister

सीएम देवेंद्र फडणवीस। Photo Credit- PTI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

महाराष्ट्र के महायुति गठबंधन में चल रही खींचतान को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को सुलझा लिया। फडणवीस ने दोनों सहयोगी पार्टियों- एकनाथ शिंदे की शिवसेना और सुनेत्रा पवार की नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के बीच रायगढ़ और नासिक जिलों के लिए गार्डियन मिनिस्टर पदों को लेकर विवाद सुलझा लिया। बीजेपी ने नासिक का पद अपने पास बरकरार रखा है और रायगढ़ का पद शिवसेना को दे दिया है।

 

दरअसल, महाराष्ट्र में हर जिले के लिए एक इंचार्ज मंत्री नियुक्त किया जाता है जो विकास के कामों की देखरेख करता है। साथ ही किसी प्राकृतिक या इमरजेंसी की स्थिति में हालात को संभालता है। तीनों सत्ताधारी पार्टियों ने ज्यादातर अपने-अपने जिलों में अपने-अपने विधायकों की संख्या के आधार पर जिले बांटे हैं।

 

यह भी पढ़ें: छात्राओं ने प्रिंसिपल के चेहरे पर पोती स्याही, छेड़छाड़ के आरोप में हिरासत में

 

काफी समय से बना हुआ था विवाद 

 

हालांकि, नासिक और रायगढ़ जिलों को लेकर विवाद काफी समय से बना हुआ था। बीजेपी और शिवसेना ने नासिक पर दावा किया था, जबकि शिवसेना और एनसीपी ने रायगढ़ जिले के लिए मोलभाव कर रही थीं।

 

सोमवार को महाराष्ट्र के सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी एक ऑर्डर के मुताबिक, बीजेपी नेता गिरीश महाजन को नासिक का गार्डियन मिनिस्टर बनाया गया है, जबकि शिवसेना के भरत गोगावाले को रायगढ़ का गार्डियन मिनिस्टर बनाया गया है। 19 जनवरी, 2025 को फडणवीस ने महाजन को नासिक का गार्डियन मिनिस्टर और एनसीपी की अदिति तटकरे को रायगढ़ का गार्डियन मिनिस्टर बनाया, उसके बाद सत्ताधारी सहयोगियों के बीच डेढ़ साल से ज़्यादा समय तक खींचतान चलती रही।

 

यह भी पढ़ें: युवक ने पीठ पर उठाकर दूल्हे को पार कराया उफनता नाला, पुल नहीं होने पर उठे सवाल

 

नियुक्तियों पर आपत्ति जता रही थी शिवसेना

 

शिवसेना काफी समय से पिछले साल की गई शुरुआती नियुक्तियों पर आपत्तियां जता रही थी। हालांकि, शिवसेना के विरोध के बाद नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई थी। शिवसेना नेता भरत गोगावले रायगढ़ का प्रभार चाहते थे, जबकि शिवसेना के ही एक अन्य नेता दादा भुसे नासिक जिले का प्रभार पाने की होड़ में थे।


और पढ़ें