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'आपको वादा करना होगा', देवेंद्र महतो ने सोनम वांगचुक के कहने पर तोड़ा जल उपवास

पिछले 12 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने सोनम वांगचुक से बातचीत के बाद पानी पी लिया है लेकिन भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।

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सोनम वांगचुक से बात करते देवेंद्र नाथ महतो, Photo Credit: Social Media

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सरकारी भर्तियों में गड़बड़ियों को लेकर झारखंड की राजधानी रांची में कई दिनों से प्रदर्शन चल रहा है। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने पानी पीना भी बंद कर दिया था जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। अब सामाजिक कार्यकर्ता और कुछ दिनों पहले ही भूख हड़ताल करने वाले सोनम वांगचुक से बातचीत के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने पानी पीकर अपना जल उपवास खत्म कर दिया है। बुधवार को सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान देवेंद्र ने कहा कि वह इसी शर्त पर पानी पिएंगे कि जब तक प्रदर्शन चलेगा तब तक सोनम उनका समर्थन करते रहेंगे।

 

झारखंड की अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले महीने से ही धरना-प्रदर्शन जारी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का इस पर कहना है कि सरकार के पास आंखें भी हैं और कान भी हैं और सही समय पर उचित कार्रवाई की जाएगी। झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) और झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोप पर हेमंत सोरेन का कहना है कि वह जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। वहीं प्रदर्शनकारी छात्रों ने अब सीबीआई जांच की मांग शुरू कर दी है।  

 

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भूख हड़ताल और आंदोलन जारी रखने का एलान 

इस बातचीत के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने अपने X हैंडल पर लिखा है, 'देश के प्रख्यात इनोवेटर श्री सोनम वांगचुक सर से वीडियो कॉल से सीधे संवाद करने का अवसर। उन्होंने हमारे आंदोलन के प्रति अपना बहुमूल्य मार्गदर्शन, प्रेरणादायी विचार एवं हौसला प्रदान किया। उनके आग्रह पर हमने जल ग्रहण किया। साथ ही, उनसे रांची आकर आंदोलनरत छात्रों का मनोबल बढ़ाने का विनम्र आग्रह भी किया। हमारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और सत्याग्रह आंदोलन अपने संकल्प के साथ निरंतर जारी है।'

सोनम वांगचुक से बातचीत के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, 'हमने 25 जुलाई से ही आंदोलन शुरू किया है और मैंने 2 अगस्त से को अन्न और जल छोड़ा तो हम बहुत थके हुए थे। उसी समय से शरीर साथ नहीं था। जंतर-मंतर का आंदोलन तो NEET पेपर लीक पर था लेकिन यहां तो 26 साल में कई पेपर लीक हुए हैं। कल डॉक्टरों ने मुझे चेतावनी दी कि अगर मैंने पानी नहीं पिया तो मुझे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ेगा। हम कई साल से आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे ही एक आंदोलन में मैंने अपनी मां को खो दिया।'

 

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इस पर सोनम वांगचुक ने उनसे कहा, 'कृपया आप थोड़ा पानी पी लीजिए। यह आत्महत्या करने जैसा है। आपको कुछ समय चाहिए। दो-तीन हफ्ते भी लग सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि सरकार समझेगी और सही फैसला लेगी।'  

सोनम वांगचुक से क्या वादा लिया?

पानी पीने से पहले देवेंद्र नाथ महतो ने सोनम वांगचुक ने कहा, 'मैं अपना अनशन नहीं तोड़ना चाहता हूं। ऐसी स्थिति के चलते ही पिछले 26 साल से लोग परेशान हो रहे हैं। नौकरियां बेची जा रही हैं। हर पेपर लीक हो जा रहा है लेकिन आपने जो कहा है मैं उसका ध्यान रखूंगा। आपको भी एक वादा करना होगा तभी मैं पानी पीऊंगा। जब तक हम सफल नहीं होते तब तक आप हमारा समर्थन करते रहेंगे और साथ देंगे। आप यह वादा करें तभी मैं पानी पीऊंगा।' इस पर सोनम वांगचुक ने कहा कि वह पूरी तरह से उनके साथ हैं।

बता दें कि जांच के मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कहना है कि इस मामले में क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) की जांच चल रही है और रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी। छात्रों से मुलाकात के लिए डेलिगेशन भेजने के सवाल पर हेमंत सोरेन ने कहा था, 'संविधान के तहत जो कुछ भी संभव है, वह उनके लिए किया जाएगा।'

 


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