logo

ट्रेंडिंग:

नोबेल विजेता अमर्त्य सेन को भेजा SIR नोटिस, चुनाव आयोग ने क्या सफाई दी?

चुनाव आयोग ने नोबेल विजेता अमर्त्य सेन को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस भेज दिया था। हालांकि, बाद में स्पेलिंग की गलती बताकर BLO को गलती ठीक करने के निर्देश दिए गए।

AMARTYA SEN

अमृत्या सेन, Photo Credit: Social Media

शेयर करें

संबंधित खबरें

Reporter

पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर घमासान मचा हुआ है। नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को चुनाव आयोग ने SIR से जुड़ा नोटिस भेज दिया था। नोटिस में उन्हें चुनाव आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। इन नोटिस की जानकारी सामने आते ही सियासत शुरू हो गई थी। टीएमसी की महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर इस नोटिस को लेकर निशाना साधा था। विवाद बढ़ने के बाद अब चुनाव आयोग का बयान सामने आया है। 

 

विवाद बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि यह एक गलती की वजह से हुआ है और अमर्त्य सेन को चुनाव आयोग के सामने पेश होने की कोई जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने बताया कि अमर्त्य सेन को उनके नाम में टाइपिंग की गलती के कारण नोटिस भेजा गया था। यह नोटिस कंप्यूटर से जेनरेट किया गया था। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आयोग ने संबंधित BLO से स्पेलिंग की गलती को ठीक करने के लिए कहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस मामले में आधिकारिक रूप से कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। 

 

यह भी पढ़ें- कर्नाटक: SIR के दौरान BJP वर्कर्स के कपड़े उतरवाने का आरोप, पुलिस क्या बोली?

 

डेट ऑफ बर्थ में गलती?

अमृत्या सेन को नोटिस दिए जाने के मामले में उनके हाउस मैंटेनेंस इंचार्ज ने कहा कि चुनाव आयोग ने जो नोटिस जारी किया है उसमें उन्होंने अमर्त्य सेन और उनकी मां की उम्र में सिर्फ 15 साल का अंतर बताया है। उन्होंने कहा, 'अमर्त्य सेन की मां का जन्म 1914 में हुआ था। जब अमर्त्य सेन का जन्म हुआ तब उनकी मां की उम्र 19 साल 6 महीने थी लेकिन उन्होंने अमर्त्य सेन की मां की उम्र 1914 से 1918 कर दी है और यह नोटिस भेज दिया है।'

अभिषेक बनर्जी ने बोला हमला

अभिषेक बनर्जी ने  बीरभूम जिले के रामपुरहाट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार बंगाल की जनता को जानबूझकर बार-बार अपमान कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच सांठगांठ का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'यहां आते समय मुझे बताया गया कि वैश्विक स्तर पर हमारे देश का कद बढ़ाने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन को एसआईआर संबंधी सुनवाई से जुड़ा नोटिस भेजा गया है।'

 

 

हालांकि, अमर्त्य सेन के परिवार वालों ने कल मीडिया से बात करते हुए कहा था कि अभी तक उन्हें इस प्रकार का कोई भी नोटिस नहीं मिला है। परिवार वालों ने बताया कि सेन की मां का नाम भी 2002 की वोटर लिस्ट में था। परिवार वालों ने कहा था कि अमर्त्य सेन ने पहले एक चुनाव में वोट भी डाला है और अगर कोई नोटिस मिला होगा तो हम जिले के निर्वाचन अधिकारियों से इस संबंध में पता करेंगे। 

 

यह भी पढ़ें-- आगे नहर, पीछे भीड़, बांग्लादेश में हिंदू युवक को खदेड़ा, डूबने के बाद हो गई मौत

मोहम्मद शमी को भी भेजा नोटिस 

चुनाव आयोग ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी को भी नोटिस भेजा है और वेरिफिकेशन के लिए बुलाया है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मोहम्मज शमी और उनके भाई मोहम्मद कैफ दोनों को इस सुनवाई के लिए बुलाया गया है। हालांकि, मैच के शेड्यूल की वजह से शमी ने चुनाव आयोग से नई तारीख देने का अनुरोध किया है और चुनाव आयोग ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। अब उनकी सुनवाई 9 जनवरी से 11 जनवरी के बीच होगी। चुनाव आयोग ने बताया था कि शमी और उनके भाई के एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ गलतियां पाई गई थीं।


और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap