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चीनी जमाखोरों पर योगी सरकार सख्त, 400 टन से ज्यादा स्टॉक पर लगेगा ESMA

सीएम योगी ने चीनी बढ़ती कीमतों को लेेकर कारोबारियों को 30 दिन से अधिक स्टॉक नहीं रखने का फरमान सुनाया है। चीनी की कालाबाजारी करने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

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योगी आदित्यनाथ, Credit: Social Media

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चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी उपलब्धता और जमाखोरी को लेकर बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए साफ किया कि प्रदेश में चीनी की कोई किल्लत नहीं है। मिलों में पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी या कालाबाजारी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। सरकार ने स्टॉक की सीमा तय करते हुए अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों के पास 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में सबसे अधिक 150.50 लाख क्विंटल चीनी का भंडार है। सरकार के मुताबिक यह स्टॉक प्रदेश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसलिए लोगों को चीनी की कमी या बाजार में इसकी आपूर्ति प्रभावित होने को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है।

 

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30 दिन से ज्यादा नहीं रख सकेंगे स्टॉक

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोई भी कारोबारी 30 दिन से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। सरकार का फोकस खास तौर पर जमाखोरी रोकने पर है, ताकि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतें न बढ़ाई जा सकें। इसके साथ ही किसी डीलर के पास एक समय में 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक मिलने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों के तहत द एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट, 1981(ESMA) के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

बढ़ती कीमतों पर सरकार की नजर

पिछले एक महीने में चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। कई शहरों में खुदरा बाजार में चीनी का भाव 60 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गया है। बढ़ती कीमतों का असर घरों के साथ-साथ चाय की दुकानों, मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य कारोबार पर भी पड़ सकता है। सरकार ने साफ किया है कि पर्याप्त स्टॉक के बावजूद यदि कोई कारोबारी जमाखोरी, कालाबाजारी या कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जेल भी हो सकती है।

 

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48 लाख किसानों को 3217 करोड़ का भुगतान

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान किया गया है। करीब 48 लाख किसानों को 3217 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सरकार के मुताबिक गन्ने की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति मजबूत है।मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 अक्टूबर से गन्ने का नया पेराई सत्र शुरू होने जा रहा है। ऐसे में प्रदेश में चीनी की उपलब्धता बनी रहने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि मौजूदा स्टॉक और नए पेराई सत्र को देखते हुए प्रदेश में चीनी खत्म होने या किल्लत पैदा होने का कोई संकट नहीं है। जमाखोरी और कालाबाजारी पर कार्रवाई कर सरकार बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश करेगी।


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