देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में गर्मी का कहर अभी भी जारी है। जून का महीना आधे से ज्यादा बीत चुका है लेकिन मुंबई वालों को गर्मी से राहत नहीं मिली है। इसके साथ ही मुंबई में बिजली कटौती भी लोगों को परेशान कर रही है। एसी, कूलर का खर्च बढ़ गया है, लेकिन एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो एसी कूलर के बिना भी गर्मी की मार सहन कर रहा है। शहर का एक बड़ा हिस्सा आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है और उनके लिए गर्मी किसी आपदा से कम नहीं है। गर्मी से बचने के लिए उन्हें समुद्र के किनारे सोना पड़ रहा है।
इन दिनों मुंबई में बढ़ती गर्मी और उमस ने झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इन लोगों के पास कूलर, एसी या पंखों तक भी पहुंच नहीं है। ऐसे में गर्मी से बचने के लिए इनके पास कुछ ज्यादा उपाय नहीं हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई परिवार रात के समय अपने घरों में रहने के बजाय समुद्र किनारे जाकर सोने को मजबूर हैं। इससे उन्हें गर्मी से हल्की राहत मिलती है।
यह भी पढ़ें: CM बनते ही DK शिवकुमार ने किया खेल, MLC चुनाव में BJP, JDS में लगा दी सेंध
समु्द्र किनारे सो रहे लोग
मुंबई में एक स्थानीय झुग्गी निवासी ने अपनी परेशानी बताते हुए न्यूज एजेंसी ANI से बात की। उसने कहा, 'हम तेज गर्मी से बचने के लिए हर दिन समुद्र किनारे जाकर सोते हैं। घर के अंदर इतनी गर्मी होती है कि सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है।' उसने कहा कि हमें गर्मी लगती है लेकिन समुद्र के किनारे हवा चलती है। इसलिए हम लोग यहां आकर सोते हैं।
समुद्र किनारा बना ठिकाना
मुंबई की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले हजारों परिवार छोटे और घनी आबादी वाले घरों में रहते हैं। इनमें से अधिकांश घर टीन की छतों और कम वेंटिलेशन वाले होते हैं। दिनभर धूप पड़ने के कारण ये घर शाम तक बहुत गर्म हो जाते हैं और रात में भी तापमान कम नहीं होता। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों में जाकर कुछ राहत महसूस होती है।
युवक ने बताया कि वह अकेला नहीं है जो समुद्र किनारे जाकर सोता है। उसके साथ कई ऐसे लोग हैं जो समुद्र किनारे जाकर सोते हैं। गर्मियों के मौसम में उनके लिए यह आम बात है क्योंकि समुद्र के किनारे ठंडी हवाओं से उन्हें राहत मिलती है। उसने बताया कि वे लोग सिर्फ गर्मियों में ही वहां सोते हैं और बारिश शुरू होने के बाद यहां नहीं सोते।
रात में भी गर्मी
जून का महीना बीत जाने के बाद भी मुंबई में मॉनसून शुरू नहीं हुआ है। गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि दिन में तो सूरज परेशान करता ही है लेकिन रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर से आने वाली नम हवाओं के कारण वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ गया है। वहीं बादलों की मौजूदगी के कारण दिन की गर्मी रात में भी बनी रहती है। इससे तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं हो रही और रातें असामान्य रूप से गर्म महसूस हो रही हैं। यही कारण है कि लोगों को रात में भी ज्यादा गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें: एक ही जगह पर थम गया मॉनसून, दिल्ली से UP तक में कब देगा दस्तक? जानिए मौसम का हाल
कब होगी बारिश?
महाराष्ट्र में इस बार 20 जून या इसके बाद मॉनसून आने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में इसी दौरान मॉनसून पूरी तरह पहुंचने की संभावना है और इसके बाद ही बारिश का दौर शुरू होगा। मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून की एंट्री से पहले भी कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश होगी और गरज चमक देखने को मिलेगी लेकिन मॉनसूनी बारिश के लिए कुछ दिनों का इंतजार करना पड़ेगा।