logo

मूड

ट्रेंडिंग:

पति-पत्नी और भाई मिलकर चला रहे थे नकली नोट का गिरोह, सिवान में दो गिरफ्तार

नकली नोट के कारोबार में लिप्त कुछ लोग जमानत पर बाहर आए तो फिर से वही काम करने लगे। अब इसी गिरोह के दो लोगों को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है।  

ai generated image of a couple arrested

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

बिहार के सिवान जिले के मैरवा थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाली नोट बनाने और खपाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सदर एसडीपीओ गौरी कुमारी के नेतृत्व में गठित टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पंडितपुरा गांव में छापेमारी कर एक महिला को गिरफ्तार किया। महिला के पास से प्रिंटर, प्रिंटिंग सामग्री, 5.45 लाख रुपये के नकली नोट और 88 हजार रुपये की असली नकदी बरामद की गई है। एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि गिरफ्तार महिला अपने पति राजकुमार दुबे और भाई मनु दुबे के साथ मिलकर यह गिरोह चला रही थी। पुलिस ने महिला की निशानदेही पर गोरेयाकोठी से मनु दुबे को भी गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी पति राजकुमार दुबे अभी फरार है।

 

पुलिस को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि पंडितपुरा गांव में कुछ लोग जाली नोट छापकर उसे बाजार में खपा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद एसडीपीओ गौरी कुमारी के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर से एक रंगीन प्रिंटर, पेपर कटर, स्पेशल इंक और अन्य प्रिंटिंग सामग्री बरामद की। इसके साथ ही 500 ,200 और 100 के नकली नोट मिले। इन सभी नोटों की कुल कीमत 5.45 लाख रुपये है। पुलिस को घर से 88 हजार रुपये की असली नकदी भी मिली। एसपी ने बताया कि बरामद नोटों की बारीकी से जांच की गई तो कई नोटों पर एक ही सीरियल नंबर मिला। इससे साफ हो गया कि ये नोट नकली हैं।

 

यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट में लंबित पुराने केस सुलझेंगे? CJI ने 4 बेंच को सौंपी जिम्मेदारी

पति-पत्नी और भाई का गैंग, ऐसे करते थे खपत

पूछताछ में गिरफ्तार महिला ने बताया कि वह अपने पति राजकुमार दुबे और भाई मनु दुबे के साथ मिलकर पिछले कई महीनों से यह काम कर रही थी। गिरोह जाली नोटों को छोटे बाजारों, सब्जी मंडी, फेरीवालों और जहां नकद लेन-देन ज्यादा होता है वहां खपाता था। महिला ने बताया कि वे 500 और 200 के नकली नोट 50 फीसदी दाम पर लोगों को देते थे यानी 500 का नकली नोट 250 रुपये में बेच देते थे। महिला की निशानदेही पर पुलिस ने गोरेयाकोठी से मनु दुबे को भी गिरफ्तार कर लिया। मनु दुबे का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है।

 

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार महिला और उसका पति राजकुमार दुबे जाली नोट तस्करी के मामले में पहले भी जेल जा चुके हैं। जमानत पर छूटने के बाद फिर से उन्होंने यह धंधा शुरू कर दिया। मनु पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार मुंगेर और नेपाल से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ये लोग नकली नोट कहां से लाते थे और किस-किस को सप्लाई करते थे।

 

यह भी पढ़ें: आगरा में RPF ने स्टेशन मास्टर को पीटा, घसीटकर थाने ले गए; चार निलंबित

कैसे पहचानें नकली नोट?  

एसपी ने बताया कि आरबीआई ने नकली नोटों की पहचान के लिए कई फीचर बताए हैं। नोट को रोशनी में देखने पर गांधी जी की वाटरमार्क तस्वीर, सिक्योरिटी थ्रेड और उभरे हुए अक्षर दिखने चाहिए। यदि कोई नोट संदिग्ध लगे तो उसे बैंक या पुलिस को सौंप दें। इस कार्रवाई के बाद मैरवा और आसपास के इलाकों में पुलिस ने बाजारों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा हो जाएगा।


और पढ़ें