महाराष्ट्र के पुणे में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने मशहूर स्किनकेयर ब्रांड सेटाफिल जेंटल स्किन क्लींजर की 12 नकली बोतलें जब्त की हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन बोतलों पर दिसंबर 2028 तक की एक्सपायरी डेट दर्ज थी और पहली नजर में ये पूरी तरह असली जैसी दिखाई दे रही थीं। जांच के बाद इन्हें स्प्यूरीयस (फर्जी) कॉस्मेटिक्स घोषित किया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, FDA ने 22 जून को पुणे के शिवाजीनगर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 118 मिलीलीटर वाले क्लेंजर की बोतलों के सैंपल लिए गए। इन पर दिसंबर 2025 की निर्माण तिथि और दिसंबर 2028 की एक्सपायरी डेट दर्ज थी। बाद में जांच के लिए इन सैंपलों को निर्माता कंपनी की लैब भेज दिया गया।
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लैब में गुणवत्ता सही, पैकिंग में मिला बड़ा खेल
मामले की तह तक पहुंचने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर श्रीकांत वी पाटिल ने B5NA1110 बैच नंबर वाली इन बोतलों के सैंपल सेटाफिल बनाने वाली अधिकृत कंपनी की लैब में जांच के लिए भेजे। जांच में बोतल के अंदर मौजूद लिक्विड बिल्कुल असली प्रोडक्ट जैसा निकला और क्वालिटी टेस्ट में भी पास हो गया।
असली राज तब खुला, जब विशेषज्ञों ने बोतल की बाहरी पैकिंग, लेबल, प्रिंटिंग की क्वालिटी और सिक्योरिटी फीचर्स को ध्यान से जांचा। यहां उन्हें असली और नकली प्रोडक्ट के बीच कई बड़े अंतर मिले। इसके बाद कंपनी ने लिखित तौर पर साफ कर दिया कि ये बोतलें उनकी फैक्ट्री में बनी ही नहीं हैं।
FDA ने बताया सेहत के लिए बड़ा खतरा
इन तथ्यों के आधार पर FDA ने जब्त की गई सभी बोतलों को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत फर्जी कॉस्मेटिक घोषित कर दिया। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि नकली दवाएं और कॉस्मेटिक उत्पाद केवल आर्थिक धोखाधड़ी नहीं हैं, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे उत्पाद बनाने, सप्लाई करने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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कहां से आईं नकली बोतलें? जांच जारी
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली बोतलें कहां तैयार की गईं, सप्लाई चेन में कौन-कौन लोग शामिल थे और ये बाजार तक कैसे पहुंचीं। FDA ने ग्राहकों से भी अपील की है कि वे केवल ऑथराइज्ड सेलर से ही कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स खरीदें और पैकेजिंग में किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखने पर तुरंत शिकायत करें।