उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक खबर सामने आई है जहां आर्थिक तंगी के चलते एक पूरे परिवार का अंत हो गया। एटा रोड स्थित अमापुर कोतवाली इलाके में रहने वाले 50 सााल के सत्यवीर उर्फ श्यामवीर का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला, जबकि उनकी पत्नी और तीन मासूम बच्चों की लाशें बिस्तर पर रजाई के नीचे दबी पाई गईं।
शुरुआती जांच में पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या और हत्या का मामला मान रही है। बताया जा रहा है कि सत्यवीर पेशे से वेल्डर थे और पिछले कुछ समय से भारी कर्ज और तंगी से जूझ रहे थे। पड़ोसियों ने जब दो-तीन दिनों तक परिवार में कोई हलचल नहीं देखी, तब पुलिस को सूचना दी गई।
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भारी कर्ज से दबा था परिवार
स्थानीय लोगों और रिपोर्ट्स के अनुसार, सत्यवीर अपनी दुकान के पीछे एक छोटे से कमरे में परिवार के साथ रहते थे। अपनी दुकान होने के बावजूद उनकी कमाई खर्चों को पूरा नहीं कर पा रही थी। इसके बाद परिवार को पता चला कि उनके 10 साल के बेटे गिरीश को न्यूरो संबंधी बिमारी हो गई है।
बेटे के इलाज के लिए सत्यवीर ने कई लोगों से उधार लिया था। लगातार कर्ज लेने की वजह से चुकाना उनके लिए नामुमकिन हो रहा था।
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पुलिस की कार्रवाई
अलीगढ़ रेंज के डीआईजी और कासगंज एसपी ने घटनास्थल का मुआयना किया है। पुलिस का कहना है कि घर अंदर से बंद था, जिससे किसी बाहरी व्यक्ति के आने की आशंका कम है।
फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने सबूत जुटा लिए हैं और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी। पुलिस इस बात से इनकार कर रही हैै कि किसी ने बाहर से आकर इस घटना को अंजाम दिया है।