उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले पिता-पुत्र की जोड़ी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि पिता पहले घरों की रेकी कर निशाना तय करता था फिर बेटा ताले तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर छह चोरी के मामलों का खुलासा करने का दावा किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर और 90,500 रुपये नकद बरामद किए गए। मामले में सबसे चौंकाने वाली बात घर की खुदाई के दौरान छिपाकर रखे गए जेवरों का मिलना है। पुलिस अब बरामद सामान को अलग-अलग चोरी की घटनाओं से जोड़कर जांच कर रही है।
मामला गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र की पूर्वोत्तर रेलवे कॉलोनी में हुई चोरी की घटनाओं से जुड़ा है। यहां अलग-अलग घरों में चोरी की शिकायतों के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। पुलिस के मुताबिक, पिता-पुत्र की भूमिका अलग-अलग थी। पिता कथित तौर पर घरों और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता था। इसके बाद बेटा मौका देखकर घरों के ताले तोड़ता और जेवर समेत कीमती सामान चोरी कर लेता था। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान रत्नेश अग्रहरी और उसके पिता रवींद्र प्रसाद अग्रहरी के रूप में बताई गई है। दोनों गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र के मोहनापुर पासी टोला, पादरी बाजार के निवासी बताए गए हैं।
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घर की खुदाई में मिले सोने-चांदी के जेवर
पुलिस की कार्रवाई में करीब 50 लाख रुपये कीमत के आभूषण बरामद होने की बात सामने आई है। बरामद सामान में 415 ग्राम सोने के जेवर और करीब 1 किलो 648 ग्राम चांदी के आभूषण शामिल हैं। इसके अलावा 90,500 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।इस मामले में घर की खुदाई के दौरान जेवर मिलने की बात खास चर्चा में है। पुलिस बरामद आभूषणों की पहचान कराने और उन्हें संबंधित चोरी की घटनाओं से जोड़ने में जुटी है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि आरोपियों ने किन-किन घरों से सामान चोरी किया और उसे कहां छिपाकर रखा था।
पुलिस के मुताबिक, शाहपुर क्षेत्र में दर्ज चोरी के छह मामलों में पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के बाद महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इन मामलों की जांच के लिए शाहपुर पुलिस, एंटी थेफ्ट सेल और सर्विलांस टीम को लगाया गया था। संयुक्त टीम ने उपलब्ध साक्ष्यों और सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की।अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का संबंध किसी अन्य चोरी की वारदात से भी है या नहीं। बरामद जेवरों का शिकायतकर्ताओं के विवरण से मिलान किया जा रहा है, ताकि चोरी के सामान की पहचान कर उसे उसके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जा सके।
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चोरियों से परेशान लोगों को राहत की उम्मीद
पूर्वोत्तर रेलवे कॉलोनी में हुई चोरी की घटनाओं के खुलासे से स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। घरों में चोरी की वारदातें लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की जांच के साथ स्थानीय लोगों की सतर्कता और संदिग्ध गतिविधियों की समय पर सूचना भी महत्वपूर्ण होती है।फिलहाल, पिता-पुत्र की गिरफ्तारी, छह चोरी के मामलों का खुलासा और लाखों रुपये के जेवरों की बरामदगी इस कार्रवाई के प्रमुख पहलू हैं। पुलिस बरामद सामान, आरोपियों की भूमिका और संभावित अन्य वारदातों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।