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राम वन गमन मार्ग में दरारों पर सरकार का बड़ा एक्शन, XEN सस्पेंड; SE पर कार्रवाई

अयोध्या से चित्रकूट को जोड़ने के लिए 4400 करोड़ की लागत से बन रहे राम वन गमन मार्ग में दरारें पड़ने के मामले में सरकार ने अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया है।

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राम वन गमन मार्ग पर आई दरारें, Photo Credit: Social Media

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उत्तर प्रदेश के अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाले राम वन गमन मार्ग में दरारें पड़ने और निर्माण कार्य में खामियां मिलने के मामले में शासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद प्रयागराज के अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) रविंद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं अधीक्षण अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) ओंकार भारतीय के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने भी दिल्ली की ठेकेदार फर्म एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवेलपर्स को एक महीने के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

मामला राष्ट्रीय मार्ग संख्या-731ए के राम वन गमन मार्ग के पैकेज-दो से जुड़ा है। हालिया निरीक्षण में निर्माण कार्य की कई खामियां सामने आईं। निरीक्षण टीम ने फ्लाईओवर के एप्रोच और गैप में गड़बड़ी, करीब 1.5 किलोमीटर तक सड़क के किनारे की पटरी में दरारें और लगभग 500 मीटर लंबाई में हाईवे के किनारे किए गए सुरक्षात्मक कार्य के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि की।निरीक्षण टीम के मुताबिक परियोजना के काम में तैनात एई और एक्सईएन ने पर्यवेक्षणीय दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं किया और समुचित सतर्कता नहीं बरती। निर्माण कार्य में सामने आई इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

 

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XEN हुए सस्पेंड

मामले में सचिव पीडब्ल्यूडी दिव्य प्रकाश गिरि ने अधीक्षण अभियंता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और अधिशासी अभियंता को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबित किए गए रविंद्र पाल सिंह को लखनऊ स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।वहीं मामले की जांच मुख्य अभियंता, वाराणसी वृत्त को सौंपी गई है। हाईवे निर्माण में खामियां पाए जाने के बाद मुख्य अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) एके जैन ने एई और एक्सईएन प्रयागराज को निलंबित करने की संस्तुति करते हुए 8 सितंबर को शासन को फाइल भेजी थी।

 

अधिकारियों के बाद अब निर्माण कार्य से जुड़ी ठेकेदार फर्म पर भी कार्रवाई हुई है। MoRTH के अधीक्षण अभियंता (नार्थ-दो) तनवीर एच. पानीवाला ने शनिवार को ठेकेदार फर्म को एक महीने के लिए अस्थायी रूप से निलंबित किए जाने का आदेश जारी किया।निलंबन की अवधि में फर्म MoRTH, एनएचएआई के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित किसी भी सड़क परियोजना की बिडिंग में शामिल नहीं हो सकेगी। इसके अलावा ठेकेदार फर्म और स्वतंत्र अभियंता को डिबार करने के लिए भी MoRTH को पत्र लिखा गया था।

 

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डिप्टी CM केशव ने क्या कहा था?

राम वन गमन मार्ग को लेकर सवाल उठने के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भी सड़क के धंसने को लेकर सवाल किया गया था। इस पर उन्होंने कहा था कि “जब सड़क बनेगी तो धंसेगी और जब सड़क धंसेगी तो दोबारा बनेगी।” उन्होंने बारिश के कारण सड़क धंसने की बात भी कही थी लेकिन साथ ही यह स्पष्ट किया था कि जहां निर्माण की गुणवत्ता खराब होगी, वहां जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और सड़क को ठीक कराया जाएगा।

 

अब इसी मामले में शासन की ओर से एक्सईएन के निलंबन, अधीक्षण अभियंता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और ठेकेदार फर्म के एक महीने के निलंबन की कार्रवाई सामने आई है। इससे राम वन गमन मार्ग के निर्माण की गुणवत्ता और अधिकारियों की निगरानी को लेकर उठे सवालों पर शासन के सख्त रुख का संकेत मिला है।

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