संजय सिंह, पटना। मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बिहार सरकार हरकत में आ गई है। हादसे में पांच लोगों की दर्दनाक मौत ने स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का ऐलान करते हुए स्पष्ट किया है कि हादसे के कारणों का पता लगाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि किसी भी अस्पताल में इस तरह की दुर्घटना बेहद चिंताजनक है। सरकार यह जांच करेगी कि आग किन परिस्थितियों में लगी, अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं और कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया
हालांकि, इस पूरे मामले में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। मुजफ्फरपुर हादसे को लेकर पत्रकारों ने उनसे लगातार सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब देने से परहेज किया। ऐसे में विपक्ष और आम लोगों के बीच यह सवाल उठने लगे हैं कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।
जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर स्थित निजी अस्पताल में देर रात अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने अस्पताल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय अस्पताल में कई मरीज, उनके परिजन और चिकित्सा कर्मी मौजूद थे। आग लगते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश की, जबकि कई मरीजों को अस्पताल कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित निकाला गया।
राज्य सरकार की ओर से संवेदना व्यक्त
इस भयावह हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य प्रभावित हुए। घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे। हादसे पर राज्य सरकार की ओर से संवेदना व्यक्त की गई है।
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मृतक के परिजनों को चार-चार लाख का मुआवजा
विजय चौधरी ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरा शोक जताते हुए प्रत्येक मृतक के आश्रित को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने की घोषणा की है। साथ ही जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन अधिकारी अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड ने एक बार फिर बिहार के अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों की हकीकत को सामने ला दिया है। अब लोगों की निगाहें सरकार की जांच और उसके नतीजों पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस हादसे से सबक लेकर स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा या फिर यह मामला भी जांच रिपोर्टों तक सीमित रह जाएगा।