हरियाणा के गुरुग्राम में सेक्टर-9B में मौजूद एजुक्रेस्ट इंटरनेशनल स्कूल पर स्कूली छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगा है। गुरुग्राम पुलिस ने स्कूल के चेयरमैन, प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल, कोऑर्डिनेटर के साथ में अन्य दूसरे अधिकारियों पर धोखा और आपराधिक विश्वासघात के लिए केस दर्ज किया है। दरअसल, स्कूल प्रबंधन ने 11 छात्रों को एडमिट कार्ड नहीं दिया, जिसकी वजह से सभी छात्र 10वीं की बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाए। यह मामला सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा है।
केस दर्ज होने के बाद पता चला है कि स्कूल की मान्यता सिर्फ क्लास 8 तक ही है।
पीड़ित पिता ने लगाए आरोप
जांच अधिकारियों ने बताया कि न्यू कॉलोनी के रहने वाले और एक छात्र के पिता राजेंद्र सिंह ने बुधवार को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर सेक्टर-9A पुलिस स्टेशन में स्कूल के खिलाफ कॉमन इंटेंशन, आपराधिक विश्वासघात, और धोखा और बेईमानी से संपत्ति की डिलीवरी देने के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
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बार-बार एडमिट कार्ड मांगा
एफआईआर में राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाता है कि उन्होंने और उनकी बेटी ने स्कूल से बार-बार एडमिट कार्ड मांगा लेकिन परीक्षा से दो दिन पहले भी उन्होंने नहीं दिया। आरोप लगाया, 'उन्होंने हमसे एडमिट कार्ड के लिए सोमवार को स्कूल आने को कहा। हालांकि, स्कूल अधिकारियों ने हमसे कहा कि वे एडमिट कार्ड को हमारे घर पर पहुंचा देंगे। जब मेरी बेटी को सोमवार शाम तक कार्ड नहीं मिला तो मैंने स्कूल अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।'
पैरों तले खिसकी जमीन
पीड़ित राजेंद्र सिंह ने कहा कि बाद में उन्होंने ऑनलाइन रिकॉर्ड चेक किए तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने ऑनलाइन जांच में पाया कि स्कूल न तो CBSE से जुड़ा था और न ही उसे मान्यता मिली थी। साथ ही बेटी के एडमिशन के समय दिया गया रजिस्ट्रेशन नंबर भी नकली था। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने कहा है कि शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्कूल ने एफिलिएशन नहीं होने के बावजूद यूनिफॉर्म, एग्जाम, स्पोर्ट्स और बिल्डिंग डेवलपमेंट के लिए फीस लेना जारी रखा।
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जल्द होगा एक्शन- पुलिस
उन्होंने कहा, 'आरोपों की गंभीरता को देखते हुए स्कूल के चेयरमैन विनय कटारिया, प्रिंसिपल रिधिमा कटारिया, वाइस प्रिंसिपल सिमर बत्रा, कोऑर्डिनेटर सोनिया और स्कूल के दूसरे अधिकारियों पर केस दर्ज किया गया है। स्कूल के वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी गई है। हम इसकी एफिलिएशन कन्फर्म करने के लिए हरियाणा एजुकेशन डिपार्टमेंट और CBSE से संपर्क करेंगे। मामले में जल्द ही एक्शन लिया जाएगा।'